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प्रश्न
यह आवश्यक नहीं कि दो पूर्ण संख्याओं का गुणनफल भी एक पूर्ण संख्या ही हो।
पर्याय
सत्य
असत्य
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उत्तर
यह कथन असत्य है।
स्पष्टीकरण -
हम जानते हैं कि, गुणन के अंतर्गत पूर्ण संख्याएँ संवृत होती हैं अर्थात् दो पूर्ण संख्याओं का गुणनफल सदैव एक पूर्ण संख्या देता है।
∵ किन्हीं दो पूर्ण संख्याओं का गुणनफल सदैव एक पूर्ण संख्या ही होगा।
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शून्य सबसे छोटी प्राकृत संख्या है।
सभी पूर्ण संख्याएँ प्राकृत संख्याएँ हैं।
पूर्ण संख्या 0 का कोई पूर्ववर्ती नहीं होता।
एक पूर्ण संख्या 25 में जोड़ी जाती है तथा वही संख्या फिर 25 से घटाई जाती है। इस प्रकार प्राप्त दोनों संख्याओं का योग होगा –
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किसी संख्या का गुणज, उसके बराबर अथवा उससे बड़ा होता है।
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दो सहअभाज्य संख्याओं का ल. स. उनके गुणनफल के बराबर होता है।
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–5 और 5 के बीच स्थित पूर्ण संख्याओं की संख्या है –
सभी पूर्णांक पूर्ण संख्याएँ हैं।
सबसे छोटा पूर्णांक 0 है।
