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प्रश्न
सभी पूर्ण संख्याएँ प्राकृत संख्याएँ हैं।
पर्याय
सत्य
असत्य
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उत्तर
यह कथन असत्य है।
स्पष्टीकरण:
चूँकि 0 एक पूर्ण संख्या है परंतु यह एक प्राकृत संख्या नहीं है।
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शून्य सबसे छोटी पूर्ण संख्या है।
38 तथा 68 के बीच पूर्ण संख्याओं की संख्या है –
16 से 80 तथा 90 से 100 के बीच पड़ने वाली अभाज्य संख्याओं का योग है –
दो संख्याओं का ल. स. 180 है, तो निम्न में से कौन सी संख्या उन संख्याओं का म. स. नहीं हो सकती है –
एक ऐसी भी पूर्ण संख्या है जिसे किसी पूर्ण संख्या में योग करने पर वही संख्या प्राप्त होती है।
यदि किसी पूर्ण संख्या को उससे बड़ी पूर्ण संख्या से भाग किया जाता है तब भागफल शून्य नहीं आता।
यह आवश्यक नहीं कि दो पूर्ण संख्याओं का गुणनफल भी एक पूर्ण संख्या ही हो।
एक पूर्ण संख्या को दूसरी पूर्ण संख्या, जो 1 से अधिक हो, से भाग करने पर प्राप्त भागफल कभी भी पहली संख्या के बराबर नहीं होता।
दो संख्याओं का ल. स. 28 हैं और उनका म. स. 8 है।
दो या अधिक संख्याओं का ल. स. उनमें से किसी एक के बराबर हो सकता है।
यदि दो विभिन्न पूर्ण संख्याओं का योगफल विषम है तब उनका अंतर भी विषम ही होगा।
कोई दो क्रमिक संख्याएँ, सहअभाज्य होती हैं।
दो संख्याओं का म. स. यदि उनमें से हीं एक संख्या है तब उनका ल. स. दूसरी संख्या होगा।
सबसे छोटी पूर्ण संख्या _____ है।
यदि शून्य को किसी पूर्ण संख्या से घटाया जाता है तो उत्तर में ______ प्राप्त होती है।
पूर्ण संख्याएँ ______ और ____ की संक्रियाओं में संवृत हैं।
____ प्रत्येक संख्या का गुणनखंड है।
किसी भी अभाज्य संख्या के गुणनखंडों की संख्या _____ है।
प्रत्येक धनात्मक पूर्णाक 0 से बड़ा होता है।
