Advertisements
Advertisements
प्रश्न
विखनिजित जल से क्या अभिक्रिया है?
Advertisements
उत्तर
वह जल जो सभी विलेयशील खनिज अशुद्धियों से पूर्णतया मुक्त हो, विखनिजित जल (demineralised water) कहलाता है। दूसरे शब्दों में, धनायनों (Ca2+, Mg2+ आदि) तथा ऋणायनों (Cl–, \[\ce{SO^{2-}_4}\], \[\ce{HCO^-_3}\] आदि) से पूर्णतया विमुक्त जल विखनिजित जल कहलाता है। विखनिजित जल को आयन-विनिमयक रेजिन विधि से प्राप्त किया जाता है। इस विधि के अंतर्गत आयन-विनिमयक रेजिनों द्वारा जल में उपस्थित सभी धनायनों तथा ऋणायनों को हटा दिया जाता है। इसके लिए सर्वप्रथम कठोर जल को धनायन विनिमय परिवर्तक (रेजिनयुक्त) में प्रवाहित किया जाता है, जहाँ —SO3H तथा —COOH समूहों वाले विशाल कार्बनिक अणु (रेजिन), Na+, Ca2+, Mg2+ तथा अन्य धनायनों को हटाकर H+ आयनों को प्रतिस्थापित कर देते हैं। इस प्रकार प्राप्त जल को पुन: ऋणायन विनिमय परिवर्तक से गुजारा जाता है, जहाँ —NH2 समूह वाले विशाल कार्बनिक अणु (रेजिन) Cl–, \[\ce{SO^{2-}_4}\], \[\ce{HCO^-_3}\] आदि ऋणायनों को हटाकर OH– आयनों को प्रतिस्थापित कर देते हैं।
संबंधित प्रश्न
जल के स्वतः प्रोटोनीकरण से आप क्या समझते हैं? इसका क्या महत्त्व है?
F2 के साथ जल की अभिक्रिया में ऑक्सीकरण तथा अपचयन के पदों पर विचार कीजिए एवं बताइए कि कौन-सी स्पीशीज़ ऑक्सीकृत/अपचयित होती है?
बर्फ के साधारण रूप की संरचना का उल्लेख कीजिए।
संश्लेषित आयन विनिमयक विधि द्वारा कठोर जल के मृदुकरण के सिद्धांत एवं विधि की विवेचना कीजिए।
विखनिजित जल कैसे प्राप्त किया जा सकता है?
क्या विखनिजित या आसुत जल पेय-प्रयोजनों में उपयोगी है? यदि नहीं, तो इसे उपयोगी कैसे बनाया जा सकता है?
जीवमंडल एवं जैव-प्रणालियों में जल की उपादेयता को समझाइए।
जल का कौन-सा गुण इसे विलायक के रूप में उपयोगी बनाता है? यह किस प्रकार के यौगिक-
(i) घोल सकता है और
(ii) जल-अपघटन कर सकता है?
‘जल-अपघटन’ (Hydrolysis) तथा ‘जलयोजन’ (Hydration) पदों में क्या अंतर है?
H2O2 विरंजन कारक के रूप में कैसे व्यवहार करता है? लिखिए।
