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प्रश्न
‘जल-अपघटन’ (Hydrolysis) तथा ‘जलयोजन’ (Hydration) पदों में क्या अंतर है?
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उत्तर
जल-अपघटन से जल के H+ तथा OH– आयन लवण के क्रमश: ऋणायन तथा धनायन से क्रिया कर मूल अम्ल तथा मूल क्षार (original base) का निर्माण करते हैं। जैसे,
\[\ce{\underset{\text{Salt}}{NH4Cl(s)} + \underset{\text{Water}}{H2O(l)} -> \underset{\text{Original acid}}{HCl(aq)} + \underset{\text{Original base}}{NH4OH(aq)}}\]
जलयोजन (hydration) में जल (H2O), लवण के अणु अथवा आयनों के साथ जुड़कर जलयोजित लवण (hydrated salt) या जलयोजित आयन (hydrated ion) बनाता है। जैसे,
\[\ce{\underset{\text{Salt}}{CuSO4(s)} + \underset{\text{Water}}{5H2O} -> \underset{\text{Hydrated salt}}{CuSO4. 5H2O}}\]
\[\ce{\underset{\text{Salt}}{Na+Cl-(s)} + \underset{\text{Water}}{H2O(l)} -> \underset{\text{Hydrated ions}}{Na+(aq) + Cl-(aq)}}\]
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