Advertisements
Advertisements
प्रश्न
H2O2 विरंजन कारक के रूप में कैसे व्यवहार करता है? लिखिए।
Advertisements
उत्तर
H2O के विरंजक गुण का कारण इसके अपघटन से उत्पन्न होने वाली नवजात ऑक्सीजन
\[\ce{H2O2 -> H2O + [O]}\]
नवजात ऑक्सीजन (nascent oxygen) रंगीन पदार्थों को रंगहीन उत्पादों में ऑक्सीकृत कर देती है।
\[\ce{\text{रंगीन पदार्थ} + [O] ->\text{रंगहीन}}\]
इस प्रकार, H2O2 का विरंजक गुण रंगीन पदार्थों के नवजात ऑक्सीजन द्वारा ऑक्सीकरण के कारण है। इसका उपयोग रेशम, वॉल, लकड़ी, सूती वस्त्र आदि के विरंजक के रूप में किया जाता है।
संबंधित प्रश्न
जल की अस्थायी एवं स्थायी कठोरता के क्या कारण हैं? वर्णन कीजिए।
संश्लेषित आयन विनिमयक विधि द्वारा कठोर जल के मृदुकरण के सिद्धांत एवं विधि की विवेचना कीजिए।
जल के उभयधर्मी स्वभाव को दर्शाने वाले रासायनिक समीकरण लिखिए।
विखनिजित जल से क्या अभिक्रिया है?
विखनिजित जल कैसे प्राप्त किया जा सकता है?
क्या विखनिजित या आसुत जल पेय-प्रयोजनों में उपयोगी है? यदि नहीं, तो इसे उपयोगी कैसे बनाया जा सकता है?
जीवमंडल एवं जैव-प्रणालियों में जल की उपादेयता को समझाइए।
‘जल-अपघटन’ (Hydrolysis) तथा ‘जलयोजन’ (Hydration) पदों में क्या अंतर है?
जब ऐलुमिनियम (III) क्लोराइड एवं पोटैशियम क्लोराइड को अलग-अलग (i) सामान्य जल, (ii) अम्लीय जल एवं (iii) क्षारीय जल से अभिकृत कराया जाएगा, तो आप किन-किन विभिन्न उत्पादों की आशा करेंगे? जहाँ आवश्यक हो, वहाँ रासायनिक समीकरण दीजिए।
निम्नलिखित पद से आप क्या समझते हैं?
भाप अंगार गैस सृति अभिक्रिया
