मराठी
महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (हिंदी माध्यम) इयत्ता ९ वी

उपसर्गयुक्त शब्‍द लिखिए।

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प्रश्न

उपसर्गयुक्त शब्‍द लिखिए।

एका वाक्यात उत्तर
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उत्तर

आनुवांशिक, उपस्थित, अद्वितीय।

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व्याकरण
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 2.05: चेतना - स्वाध्याय [पृष्ठ ७७]

APPEARS IN

बालभारती Hindi Kumarbharati Standard 9 Maharashtra State Board
पाठ 2.05 चेतना
स्वाध्याय | Q (३) (क) १. | पृष्ठ ७७

संबंधित प्रश्‍न

नीचे दिए गए चिह्नों के सामने उनके नाम लिखिए तथा वाक्यों में उचित विरामचिह्न लगाइए : 

क्र. चिह्न नाम वाक्य
१. -   १. स्त्री शिक्षा को लेकर लेखक के क्या विचार थे
२. .   २. श्याम तुम आ गए
३. __   ३. मोहन बोला तुमने जो कुछ कहा ठीक है
४. [ ]   ४. जीवन संग्राम में सब लड़ रहे हैं कुछ जीतेंगे कुछ हारेंगे
५. "......."   ५. भरत भैया ऐसा ना कहो
६. ,   ६. अरे क्‍या मैं झूठ बोल रहा हूँ
७. !   ७. जी धन्यवाद
८. ;   ८. इसके अलावा तुमने तीन छुट्‌टियाँ और ली है ठीक है न
९. ( )   ९. अच्छा और इतनी बड़ी बात तुम्‍हारी मालकिन ने मुझे बताई तक नहीं
१०.   १०. आप कह रहे हैं तो आप ने दिए ही होंगे

निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:

यह गंगा का है नवल धार।


निम्नलिखित शब्द के युग्म शब्द बताओ और वाक्य में उचित शब्दयुग्म लिखो:

धन - ______

अथक परिश्रम से उसने ______ कमाई।


निम्नलिखित वाक्य पढ़ो तथा मोटे और अधोरेखित किये गए शब्दों पर ध्यान दो :

गाड़ी धीरे-धीरे चल रही थी।


शब्द के वचन पहचान कर परिवर्तन कीजिए एवं अपने वाक्‍य में प्रयोग कीजिए:-

दुकान


शब्‍द के वचन पहचान कर परिवर्तन कीजिए एवं अपने वाक्‍य में प्रयोग कीजिए:-

आँख


शब्‍द के लिंग पहचानिए:

कमलिनी = ______


शब्‍द पहेली से मुहावरे, कहावतें ढूँढ़िए। उनकी सूची बनाइए और अर्थ बताकर उनका अपने वाक्‍यों में प्रयोग कीजिए:-

आँखों से ईंट का कमर डूबते हाथ अँधेरा होगा
ओखली में ऊँट के तोड़ना तारा तले जवाब चार
छाती ओझल को जीरा देना निकालना पत्‍थर से
चिराग तिनके का सहारा होना आरसी मुँह में देना
आँखों का क्‍या मात कंगन को सिर देना कलेजा
लालच कचूमर हाथ आना फुलाना मुँह को चाँद
जड़ से बुरी मलना उखाड़ बला लगाना देना

 

मुहावरे कहावतें
   

परिच्छेद पढ़िए और उसमें आए शब्‍दों के लिंग एवं वचन बदलकर लिखिए।

मैं गाँव से शहर पढ़ने आता था। गाँव का मेरा एक मित्र भी था। सावन-भादों की बादलों से ढँकी रात में बीहड़ पानी बरसता है। पूरा सन्नाटा शेर की दहाड़ सरीखा गरज उठता है। छमाक से बिजलियाँ कड़कती हैं। माँ बच्चे को अपने छाती से चिपकाती है। हाँड़ी में उबलते दाल-भात के साथ उसकी उम्‍मीद भी पकती है। उसका श्रम पकता है। अंत में कभी-कभी माँ हाँड़ी में चिपके मुट्ठी भर बचे चावल खाती है। न जाने कहाँ से अपनी आँखों में इतनी तेज चमक पैदा कर लेती है कि भरे पेटवाले की आँखें चौंधियाँ जाती हैं।

उसके त्‍याग और संतान की तृप्ति के पानी से उसकी साध लहलहाती है। बैलगाड़ी में बैठी संतान को छतरी की छाँव करती है।

बस में बच्चा खिड़की के पास बैठा बाहर दृश्यों को देखता है और वह पूरी यात्रा बच्चे को देखती रहती है। सँभालती रहती है। रेल जब बोगदे के भीतर से गुजरती है, तो अनायास उसका हाथ बच्चे की बाँह पर चला जाता है और पिता का सामान पर।


निम्नलिखित वाक्य का शुद्ध रुप लिखिए।

मैं सायंकाल के समय आया था।


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