Advertisements
Advertisements
प्रश्न
प्रत्यययुक्त शब्द लिखिए।
Advertisements
उत्तर
मानवता, जिम्मेदारी, भटकाव।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
निम्नलिखित समोच्चारित भिन्नार्थक हिंदी शब्द का अर्थ लिखो तथा उन शब्द का अलग-अलग पूर्ण वाक्यों में प्रयोग कराे:
हल
रेखांकित शब्द से उपसर्ग और प्रत्यय अलग करके लिखिए :
भारत की अलौकिकता सारे विश्व में फैली है।
‘हीन’ शब्द का प्रयोग करके कोई तीन अर्थपूर्ण शब्द तैयार करके लिखिए:
जैसे - आत्म + हीन = आत्महीन
(च) ______
(छ) ______
(ज) ______
चित्र के आधार पर काल संबंधी वाक्य बनाओ और समझो :

पढ़ो :
विभिन्नता से जुड़ें हम
| दर्जी | गंधर्व |
| इंद्रधनुष | चन्द्रमा |
| मेट्रो रेल | महाराष्ट्र |
निम्न शब्द के तीन पर्यायवाची शब्द रिक्त स्थान में लिखिए:-
| शब्द | पर्यायवाची शब्द | |||
| खेतिहर | ||||
अशुद्ध शब्द को रेखांकित कर वाक्य शुद्ध करके लिखिए:-
गत रविवार वह मुंबई जाएगा।
परिच्छेद पढ़िए और उसमें आए शब्दों के लिंग एवं वचन बदलकर लिखिए।
|
मैं गाँव से शहर पढ़ने आता था। गाँव का मेरा एक मित्र भी था। सावन-भादों की बादलों से ढँकी रात में बीहड़ पानी बरसता है। पूरा सन्नाटा शेर की दहाड़ सरीखा गरज उठता है। छमाक से बिजलियाँ कड़कती हैं। माँ बच्चे को अपने छाती से चिपकाती है। हाँड़ी में उबलते दाल-भात के साथ उसकी उम्मीद भी पकती है। उसका श्रम पकता है। अंत में कभी-कभी माँ हाँड़ी में चिपके मुट्ठी भर बचे चावल खाती है। न जाने कहाँ से अपनी आँखों में इतनी तेज चमक पैदा कर लेती है कि भरे पेटवाले की आँखें चौंधियाँ जाती हैं। उसके त्याग और संतान की तृप्ति के पानी से उसकी साध लहलहाती है। बैलगाड़ी में बैठी संतान को छतरी की छाँव करती है। बस में बच्चा खिड़की के पास बैठा बाहर दृश्यों को देखता है और वह पूरी यात्रा बच्चे को देखती रहती है। सँभालती रहती है। रेल जब बोगदे के भीतर से गुजरती है, तो अनायास उसका हाथ बच्चे की बाँह पर चला जाता है और पिता का सामान पर। |
विज्ञापन पढ़िए और शब्द युग्म ढूँढ़कर लिखिए:
|
खुश खबर ! खुश खबर !! खुश खबर !!! भारत के विविध राज्यों में हाथों से बनाई गई वस्तुओं की खरीदारी पर आकर्षक छूट ! साथ-ही-साथ विविध राज्यों के खाद्य व्यंजनों के ठेले (स्टॉल्स्) (गाँव-शहर के छोटे-बड़े, बाल-वृद्ध, महिला-पुरुष सभी प्रवेशः निःशुल्क |
निम्नलिखित वाक्य के लिए एक सटीक मुहावरे का चयन कीजिए।
अपनी दुकान बेचने के सिवाय उसके पास और कोई उपाय नहीं था।
