मराठी

उपनिषदों को वेदांत क्यों कहते हैं?

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

उपनिषदों को वेदांत क्यों कहते हैं? 

अति संक्षिप्त उत्तर
Advertisements

उत्तर

उपनिषदों वेदों के अंत होने के कारण पहले उसको ‘वेदान्त’ कहते थे। 

shaalaa.com
वैदिक साहित्य
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 2: वैदिक साहित्य - अभ्यास-प्रश्न [पृष्ठ २५]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Sanskrit Sahitya Parichay Class 11 and 12
पाठ 2 वैदिक साहित्य
अभ्यास-प्रश्न | Q 6. | पृष्ठ २५

संबंधित प्रश्‍न

वैदिक साहित्य के विकास का समय बताइए। 


संहिता किसे कहते हैं? 


ऋत्विजों के नाम तथा कार्यों का उल्लेख कीजिए।


वेदाङ्ग किसे कहते हैं तथा इसके अन्तर्गत किन-किन शास्त्रों को लिया गया हैं? 


कल्पसूत्र के मुख्य भेदों के नाम लिखिए।


ऋग्वेद में आर्यों की किन भावनाओं का संग्रह है? 


ऋग्वेद में कितने मण्डल हैं?


ऋग्वेद के सूक्तों की संख्या बताइए।


ऋग्वेद में ऋचाओं की कुल संख्या बताइए।


सृष्टि प्रक्रिया का वर्णन ऋग्वेद में कौन से सूक्त में किया गया हैं? 


यजुर्वेद की मुख्य शाखाएँ बताइए।


शुक्लयजुर्वेद की प्रसिद्ध शाखा का नाम लिखिए।


यजुर्वेद की अधिक लोकप्रियता का कारण क्या है? 


सामवेद के मन्त्रों का ज्ञान कौन-सा ऋत्विक करता हैं? 


सामवेद के किन गानों की संख्या सर्वाधिक है? 


सामवेद के विषय में ५० शब्दों में लिखिए।


वेदत्रयी मे गिने जाने वाले वेदों के नाम बताइए।


अथर्ववेद के रचयिता कौन थे?


अथर्ववेद के मंत्रों में किन-किन बातों का वर्णन है?


ऋग्वेद संहिता से सम्बद्ध ब्राह्मण के नाम लिखिए। 


ऐतरेय ब्राह्मण किसकी रचना है?


ब्राह्मण ग्रन्थों में सबसे बड़ा कौन-सा ग्रन्थ है? 


याज्ञवल्क्य ने शुक्लयजुर्वेद की प्राप्ति कैसे की? 


आरण्यकों की रचना कहाँ हुई? 


आरण्यकों में किन विषयों की चर्चा की हुई है? 


मुख्य आरण्यक ग्रन्थों के नामों का उल्लेख कीजिए।


शॉपेनहावर ने उपनिषदों के विषय में क्या कहा था?


मौलिक उपनिषदों की संख्या कितनी थी? उनके नाम लिखिए।


उपनिषदों के आधार पर कौन-से दर्शन का विकास हुआ?


ब्रह्मसूत्र के रचयिता कौन थे? 


उपनिषदों का प्रथम भाष्य किसने लिखा है?


निरुक्त का संकलन क्यों किया गया?


प्रातिशाख्य नामक ग्रन्थ में किस वेदाङ्ग का विस्तार हुआ है?


कल्प से आप क्या समझते हैं तथा उसके मुख्य भेद कौन-कौन से हैं?


मानवधर्म, समाजधर्म, राजधर्म और पुरुषार्थों का वर्णन ______ सूत्र में हुआ है। 


काल का निर्धारण करने वाला शास्त्र ______ कहलाता है। 


वैदिक मन्त्रों की पद्यबद्ध रचना का नियामक ______ शास्त्र है। 


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Course
Use app×