Advertisements
Advertisements
प्रश्न
ऋत्विजों के नाम तथा कार्यों का उल्लेख कीजिए।
Advertisements
उत्तर
ऋग्वेद संहिता में लौकिक विषयों पर भी ऋश्षयों की दृष्टी पड़ी हैं। इसमें द्यूत-क्रीड़ा के दोष, मैण्डकों की ध्वनि, विवाह की विधि, दान की महिमा दान की महिमा इत्यादि विषयों का भी उल्लेख हैं।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
वैदिक साहित्य के विकास का समय बताइए।
संहिता किसे कहते हैं?
किन ग्रन्थों से वानप्रस्थ आश्रम का सम्बन्ध था?
ब्राह्मणग्रंथों की रचना का उद्देशय क्या था?
वेदाङ्ग किसे कहते हैं तथा इसके अन्तर्गत किन-किन शास्त्रों को लिया गया हैं?
कल्पसूत्र के मुख्य भेदों के नाम लिखिए।
ऋग्वेद में कितने मण्डल हैं?
सूक्त किसे कहते हैं?
ऋग्वेद के सूक्तों की संख्या बताइए।
आर्य लोगों ने ऋग्वेद में किन-किन देवताओं को प्रमुख स्थान दिया हैं?
ऋग्वेद में मुख्यतः किन लौकिक विषयों का वर्णन मिलता है?
शुक्लयजुर्वेद की प्रसिद्ध शाखा का नाम लिखिए।
यजुर्वेद की अधिक लोकप्रियता का कारण क्या है?
सामवेद के किन गानों की संख्या सर्वाधिक है?
वेदत्रयी मे गिने जाने वाले वेदों के नाम बताइए।
अथर्ववेद के रचयिता कौन थे?
अथर्ववेद के मंत्रों में किन-किन बातों का वर्णन है?
ब्राह्मण ग्रंथों से क्या तात्पर्य है?
ऋग्वेद संहिता से सम्बद्ध ब्राह्मण के नाम लिखिए।
याज्ञवल्क्य ने शुक्लयजुर्वेद की प्राप्ति कैसे की?
ब्राह्मण ग्रन्थों में किन विषयों का वर्णन हुआ है?
मुख्य आरण्यक ग्रन्थों के नामों का उल्लेख कीजिए।
मौलिक उपनिषदों की संख्या कितनी थी? उनके नाम लिखिए।
यम-नचिकेता का संवाद किस उपनिषद् में है?
उपनिषदों के आधार पर कौन-से दर्शन का विकास हुआ?
ब्रह्मसूत्र के रचयिता कौन थे?
उपनिषदों का प्रथम भाष्य किसने लिखा है?
निरुक्त का संकलन क्यों किया गया?
प्रातिशाख्य नामक ग्रन्थ में किस वेदाङ्ग का विस्तार हुआ है?
कल्प से आप क्या समझते हैं तथा उसके मुख्य भेद कौन-कौन से हैं?
______ को वेदों का मुख कहा गया है।
काल का निर्धारण करने वाला शास्त्र ______ कहलाता है।
वैदिक मन्त्रों की पद्यबद्ध रचना का नियामक ______ शास्त्र है।
