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प्रश्न
टुन्नू के परिवार का संक्षिप्त परिचय देते हुए बताइए कि उसने दुलारी से गायन में मुकाबला करने का साहस कैसे कर लिया?
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उत्तर
टुन्नू सोलह-सत्रह वर्षीय गौरवर्ण वाला दुबला-पतला ब्राह्मण युवक था। उसके पिता घाट पर बैठकर और कच्चे महाल के दस-पाँच घरों में यजमानी करते हुए, सत्यनारायण की कथा से लेकर श्राद्ध और विवाह तक कराकर कठिनाई से गुजारा कर रहे थे। इधर टुन्नू को आवारा लड़कों की संगति में शायरी का चस्का लगा। उसने भैरोहेला को अपना उस्ताद बनाया और शीघ्र ही कजली की रचना करने लगा। इसके अलावा वह पद्यात्मक प्रश्नोत्तरी में कुशल था। अपनी इसी योग्यता पर वह बजरडीहा वालों की तरफ से कजली दंगल में गया और दुलारी से गायन का मुकाबला कर बैठा।
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