Advertisements
Advertisements
प्रश्न
कजली दंगल की मजलिस बदमज़ा क्यों हो गई?
Advertisements
उत्तर
भादों महीने में तीज के अवसर पर खोजवाँ बाजार के आयोजित कजली दंगल में खोजवाँ वालों ने अपनी ओर से दुलारी। को बुलाया था और बजरडीहा वालों ने टुन्नू को। इस आयोजन में साधारण गाना पूरा हो जाने के बाद जब सवाल-जवाब के पद्यात्मक गायन की प्रतियोगिता शुरू हुई तो टुन्नू ने दुलारी के सवालों का भरपूर जवाब अपने गीत के माध्यम से दिया। दोनों एक-दूसरे के आक्षेपों का जवाब दे रहे थे। टुन्नू के द्वारा गायन के माध्यम से दिए गए जवाब पर फेंकू सरदार को गुस्सा आ गया। वह टुन्नू को मारने के लिए लाठी लेकर खड़े हो गए। यह देख दुलारी ने टुन्नू की रक्षा की। इसके बाद लोगों के बहुत कहने पर उन दोनों में से किसी ने भी न गाया और मजलिस बदमज़ा हो गई।
संबंधित प्रश्न
हमारी आज़ादी की लड़ाई में समाज के उपेक्षित माने जाने वाले वर्ग का योगदान भी कम नहीं रहा है। इस कहानी में ऐसे लोगों के योगदान को लेखक ने किस प्रकार उभारा है?
कठोर ह्रदयी समझी जाने वाली दुलारी टुन्नू की मृत्यु पर क्यों विचलित हो उठी?
कजली दंगल जैसी गतिविधियों का आयोजन क्यों हुआ करता होगा? कुछ और परंपरागत लोक आयोजनों का उल्लेख कीजिए।
दुलारी का टुन्नू को यह कहना कहाँ तक उचित था - "तैं सरबउला बोल ज़िन्दगी में कब देखने लोट?...!"दुलारी से इस आपेक्ष में आज के युवा वर्ग के लिए क्या संदेश छिपा है? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
भारत के स्वीधनता आंदोलन में दुलारी और टुन्नू ने अपना योगदान किस प्रकार दिया?
जलाए जाने वाले विदेशी वस्त्रों के ढेर में अधिकाशं वस्त्र फटे−पुराने थे परंतु दुलारी द्वारा विदेशी मिलों में बनी कोरी साड़ियों का फेंका जाना उसकी किस मानसिकता को दर्शाता है?
"मन पर किसी का बस नहीं; वह रूप या उमर का कायल नहीं होता।" टुन्नू के इस कथन में उसका दुलारी के प्रति किशोर जनित प्रेम व्यक्त हुआ है परंतु उसके विवेक ने उसके प्रेम को किस दिशा की ओर मोड़ा?
दुलारी अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग थी। इसके लिए वह क्या करती थी और क्यों?
टुन्नू दुलारी के लिए खद्दर की सूती साड़ी लेकर क्यों आया?
अपने दरवाजे पर टुन्नू को खड़ा देख दुलारी ने क्या प्रतिक्रिया प्रकट की और क्यों?
दुलारी का उपेक्षापूर्ण व्यवहार देखकर टुन्नू चला गया पर इसके बाद दुलारी के मनोभावों में क्या-क्या बदलाव आए?
होली के दिन देश के दीवाने अपनी होली किस तरह मनाना चाहते थे? उनके इस कार्य में दुलारी ने किस तरह सहयोग किया?
विदेशी वस्त्रों का बहिष्कार करने का आह्वान करने वाला दल क्या देखकर चकित रह गया?
अथवा
दुलारी ने विदेशी वस्त्रों के बहिष्कार का नाटक नहीं किया बल्कि सच्चे मन से सहयोग दिया, स्पष्ट कीजिए।
सहायक संपादक ने अपनी रिपोर्ट में टुन्नू की मौत का उल्लेख किस तरह किया है?
