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दुलारी का उपेक्षापूर्ण व्यवहार देखकर टुन्नू चला गया पर इसके बाद दुलारी के मनोभावों में क्या-क्या बदलाव आए?

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प्रश्न

दुलारी का उपेक्षापूर्ण व्यवहार देखकर टुन्नू चला गया पर इसके बाद दुलारी के मनोभावों में क्या-क्या बदलाव आए?

टीपा लिहा
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उत्तर

दुलारी ने न टुन्नू की लाई खद्दर की साड़ी स्वीकार की और न उससे उचित व्यवहार किया। इससे आहत होकर उसकी व्यथा आँसू बनकर टपक पड़ी, जो उसके ही पैरों के पास उस साड़ी पर जा गिरी थी। टुन्नू बिना कुछ कहे सीढ़ियाँ उतरता चला गया और दुलारी उसे देखे जा रही थी, परंतु उसके नेत्रों में कौतुक और कठोरता का स्थान करुणा की कोमलता ने ग्रहण कर लिया था। उसने भूमि पर पड़ी खद्दर की धोती उठाई और स्वच्छ धोती पर पड़े काजल से सने आँसुओं के धब्बों को बार-बार चूमने लगी।

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एही ठैयाँ झुलनी हैरानी हो रामा!
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