मराठी

तुम पाँच या छह के समूह में बँटकर यह कर सकते हो। पेड़-पौधों से गिरे हुए फूलों को इकट्ठा करो और क्लास में लाओ। इन फूलों को पुराने अखबार के पन्नों के बीच में ठीक से फैला कर रखो।

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प्रश्न

तुम पाँच या छह के समूह में बँटकर यह कर सकते हो।

  • पेड़-पौधों से गिरे हुए फूलों को इकट्ठा करो और क्लास में लाओ।
  • इन फूलों को पुराने अखबार के पन्नों के बीच में ठीक से फैला कर रखो।
  • हर परत में फूल इस तरह रखना कि एक-दूसरे से चपके नहीं।
  • अब इस अखबार को किसी भारी चीज़ से दबा कर दस-पंद्रह दिन के लिए एक ही जगह रखा रहने दो।
  • इसके बाद फूलों को ध्यान से निकालो और किसी पुरानी कॉपी या पुराने अखबार में चिपकाओ। इन फूलों को पन्नों पर अलग-अलग तरीके से चिपकाया जा सकता है।
  • तुम इन सूखे हुए फूलों से सुंदर कार्ड भी बना सकते हो।
एका वाक्यात उत्तर
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उत्तर

स्वयं करो।

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फुलवारी
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 11: फुलवारी - चलो यह करें [पृष्ठ ९५]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Environmental Studies - Looking Around [Hindi] Class 4
पाठ 11 फुलवारी
चलो यह करें | Q 1 | पृष्ठ ९५

संबंधित प्रश्‍न

किस-किस रंग के फूल देखे हैं? गिनती ही करते रह गए न?


अपने दोस्तों के बनाए डिज़ाइन को देखो।


क्या ऐसे पेड़-पौधे भी हैं, जिन पर फूल कभी नहीं आते। पता करके लिखो।


जो बच्चे फूल ला सकते हैं, वे कक्षा में एक-दो फूल लाएँ। ध्यान रहे कि पेड़-पौधों से गिरे हुए फूल ही इकट्ठे करने हैं। तोड़ने नहीं हैं। तीन-चार बच्चों के समूह बनाओ और किसी एक फूल को ध्यान से देखो और लिखो-

  • फूल किस रंग का है?
  • इसकी खुशबू कैसी है?
  • आकार कैसा है? घंटी जैसा, कटोरी जैसा, बुश जैसा या कुछ और?
  • क्या ये फूल गुच्छे में हैं?
  • इसकी पँखुड़ियाँ कितनी हैं?
  • पँखुड़ियाँ आपस में जुड़ी हैं या अलग-अलग हैं?
  • पँखुड़ियों के बाहर क्या तुम्हें हरी पत्ती जैसा कुछ नज़र आ रहा है? ये कितने हैं?
  • पँखुड़ियों के अंदर, बीच में क्या कुछ पतली सी चीज़ें दिखाई दे रही हैं? ये किस रंग की हैं?
  • उनको छूने से क्या कुछ पाउडर जैसा हाथ में लग रहा है?

किसी पौधे की कली एवं उसके फूल का चित्र अपनी कॉपी में बनाओ।


तुम ऐसे और फूलों के नाम पता करो, जिनसे रंग बनता है।


इस गीत को गाओ।

“अच्छी मालन, मेरे बन्ने का बना ला सेहरा,
बागे जन्नत गई मालन मेरी फूलों के लिए,
फूल न मिलें तो कलियों का बना ला सेहरा।”


“अच्छी मालन, मेरे बन्ने का बना ला सेहरा,
बागे जन्नत गई मालन मेरी फूलों के लिए,
फूल न मिलें तो कलियों का बना ला सेहरा।”

क्या तुम्हें या घर में किसी और को ऐसे गीत आते हैं?


कुछ त्योहारों अथवा अवसरों पर क्या तुम्हारे घर के बड़े कोई खास तरह के फूल इस्तेमाल करते हैं? पता करो और तालिका में लिखो।

त्योहार/अवसर खास फूल का नाम
   
   
   
   
   

कुछ फूलों का अलग-अलग तरह से इस्तेमाल होता है, जैसे- गेंदा और गुलाब के फूल, खुले और माला दोनों ही तरह से इस्तेमाल होते हैं।

  • अलग-अलग रूपों में फूलों के दाम पता करो और लिखो।
    एक माला ______
    एक गुलदस्ता ______
    एक फूल ______
  • क्या इन फूल बेचने वालों ने गुलदस्ता या फूलों की चादर बनाना किसी से सीखा है? किससे?
  • क्या वे चाहेंगे कि उनके परिवार के और लोग भी यह काम करें? क्यों?

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