Advertisements
Advertisements
प्रश्न
तुम जहाँ रहते हो, उसके आस-पास कौन-कौन सी नदियाँ हैं? वे कहाँ से निकलती हैं और कहाँ तक जाती हैं? पता करो।
Advertisements
उत्तर
हमारे आस-पास गंगा, यमुना नामक दो नदियाँ हैं। ये हिमालय पर्वत से निकलकर समुद्र में मिलती हैं।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
तुम्हारी देखी हुई नदी भी ऐसी ही है या कुछ अलग है? अपनी परिचित नदी के बारे में छूटी हुई जगहों पर लिखो-
_____ सी हमारी नदी ______ धार
गर्मियों में ______ जाते पार
कविता में दी गई इन बातों के आधार पर अपनी परिचित नदी के बारे में बताओ।
- धार
- पाट
- बालू
- कीचड़
- किनारे
- बरसात में नदी
तुम्हारी परिचित नदी के किनारे क्या-क्या होता है?
इसी किताब में नदी का ज़िक्र और किस पाठ में हुआ है? नदी के बारे में क्या लिखा है?
क्या तुमने कभी मछली पकड़ी है? अपने अनुभव साथियों के साथ बाँटो।
नदी की टेढ़ी-मेढ़ी धार?
किचपिच -किचपिच करती मैना?
उछल-उछल के नदी में नहाते कच्चे-बच्चे?
कविता के पहले पद को दुबारा पढ़ो। वर्णन पर ध्यान दो। इसे पढ़कर जो चित्र तुम्हारे मन में उभरा उसे बनाओ। बताओ चित्र में तुमने क्या-क्या दर्शाया?
इस कविता के पद में कौन-कौन से शब्द तुकांत हैं? उन्हें छाँटो।
किस शब्द से पता चलता है कि नदी के किनारे जानवर भी जाते थे?
इस नदी के तट की क्या खासियत थी?
अमराई दूजे किनारे ______ चल देतीं।
कविता की ये पंक्तियाँ नदी किनारे का जीता-जागता वर्णन करती हैं। तुम भी निम्नलिखित में से किसी एक का वर्णन अपने शब्दों में करो-
(i) हफ्ते में एक बार लगने वाला हाट
(ii)तुम्हारे शहर या गाँव की सबसे ज्यादा चहल-पहल वाली जगह
(iii) तुम्हारे घर की खिड़की या दरवाज़े से दिखाई देने वाला बाहर का दृश्य
(iv) ऐसी जगह का दृश्य जहाँ कोई बड़ी इमारत बन रही हो।
| तेज़ गति | शोर | मोहल्ला | धूप | किनारा | घना |
ऊपर लिखे शब्दों के लिए कविता में कुछ खास शब्दों का इस्तेमाल किया गया है। उन शब्दों को नीचे दिए अक्षरजाल में हूँढ़ो।

