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प्रश्न
नदी में नहाने के तुम्हारे क्या अनुभव हैं?
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उत्तर
एक बार जब मैं नानी के घर गया था, मुझे नदी में नहाने का अवसर मिला। नदी के अथाह पानी में नहाना एक अलग किस्म का सुखद अनुभव देता है। पानी से निकलने का कभी मन नहीं करता। मैं तो बहुत देर तक नहाता रहा। जबकि मेरे साथ के सारे बच्चे निकल गए। फिर नानाजी के आने और उनके कई बार कहने पर मैं नदी से बाहर आया। आह! कितना मजेदार है नदी में नहाना। काश! ऐसा मौका बार-बार मिलता।
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संबंधित प्रश्न
तुम्हारी देखी हुई नदी भी ऐसी ही है या कुछ अलग है? अपनी परिचित नदी के बारे में छूटी हुई जगहों पर लिखो-
_____ सी हमारी नदी ______ धार
गर्मियों में ______ जाते पार
कविता में दी गई इन बातों के आधार पर अपनी परिचित नदी के बारे में बताओ।
- धार
- पाट
- बालू
- कीचड़
- किनारे
- बरसात में नदी
तुम्हारी परिचित नदी के किनारे क्या-क्या होता है?
तुम जहाँ रहते हो, उसके आस-पास कौन-कौन सी नदियाँ हैं? वे कहाँ से निकलती हैं और कहाँ तक जाती हैं? पता करो।
नदी पर कोई और कविता खोजकर पढ़ो और कक्षा में सुनाओ।
क्या तुमने कभी मछली पकड़ी है? अपने अनुभव साथियों के साथ बाँटो।
नदी की टेढ़ी-मेढ़ी धार?
उछल-उछल के नदी में नहाते कच्चे-बच्चे?
किस शब्द से पता चलता है कि नदी के किनारे जानवर भी जाते थे?
इस नदी के तट की क्या खासियत थी?
अमराई दूजे किनारे ______ चल देतीं।
कविता की ये पंक्तियाँ नदी किनारे का जीता-जागता वर्णन करती हैं। तुम भी निम्नलिखित में से किसी एक का वर्णन अपने शब्दों में करो-
(i) हफ्ते में एक बार लगने वाला हाट
(ii)तुम्हारे शहर या गाँव की सबसे ज्यादा चहल-पहल वाली जगह
(iii) तुम्हारे घर की खिड़की या दरवाज़े से दिखाई देने वाला बाहर का दृश्य
(iv) ऐसी जगह का दृश्य जहाँ कोई बड़ी इमारत बन रही हो।
| तेज़ गति | शोर | मोहल्ला | धूप | किनारा | घना |
ऊपर लिखे शब्दों के लिए कविता में कुछ खास शब्दों का इस्तेमाल किया गया है। उन शब्दों को नीचे दिए अक्षरजाल में हूँढ़ो।

