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टोपी और इफ़्फ़न की दादी अलग-अलग मजहब और जाति के थे पर एक अनजान अटूट रिश्ते से बँधे थे। इस कथन के आलोक में अपने विचार लिखिए।

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प्रश्न

टोपी और इफ़्फ़न की दादी अलग-अलग मजहब और जाति के थे पर एक अनजान अटूट रिश्ते से बँधे थे। इस कथन के आलोक में अपने विचार लिखिए।

दीर्घउत्तर
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उत्तर

टोपी और इफ्फन की दादी अलग-अलग धर्म और जाति से थीं, लेकिन उनके बीच एक गहरा और मजबूत रिश्ता था। सच्चा प्यार न तो जाति को मानता है और न ही धर्म को। जब दिल एक-दूसरे से जुड़ते हैं, तो ये भेद-भाव मायने नहीं रखते। दादी ने टोपी के दिल की गहराई को समझा और टोपी ने दादी के स्नेह को स्वीकार किया। इसी तरह उनके बीच एक शुद्ध और पवित्र रिश्ता बन गया। इफ्फन की दादी के आँचल में टोपी अपने अकेलेपन को भूल जाता था, और दादी को भी टोपी के साथ एक अपनापन महसूस होता था।

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टोपी शुक्ला
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 3: टोपी शुक्ला - बोध-प्रश्न [पृष्ठ ४४]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Sanchayan Bhag 2 Class 10
पाठ 3 टोपी शुक्ला
बोध-प्रश्न | Q 9 | पृष्ठ ४४

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