मराठी

इफ़्फ़न की दादी अपने बेटे की शादी में गाने-बजाने की इच्छा पूरी क्यों नहीं कर पाईं?

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

इफ़्फ़न की दादी अपने बेटे की शादी में गाने-बजाने की इच्छा पूरी क्यों नहीं कर पाईं?

अति संक्षिप्त उत्तर
Advertisements

उत्तर

दादी का विवाह मौलवी परिवार में हुआ था जहाँ गाना बजाना पसंद नहीं किया जाता था। इसलिए बेचारी दिल मसोस कर रह गईं।

shaalaa.com
टोपी शुक्ला
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 3: टोपी शुक्ला - बोध-प्रश्न [पृष्ठ ४४]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Sanchayan Bhag 2 Class 10
पाठ 3 टोपी शुक्ला
बोध-प्रश्न | Q 3 | पृष्ठ ४४

संबंधित प्रश्‍न

इफ़्फ़न टोपी शुक्ला की कहानी का महत्त्वपूर्ण हिस्सा किस तरह से है?


इफ़्फ़न की दादी अपने पीहर क्यों जाना चाहती थीं?


दस अक्तूबर सन् पैंतालीस का दिन टोपी के जीवन में क्या महत्व रखता है?


इफ़्फ़न की दादी के देहान्त के बाद टोपी को उसका घर खाली सा क्यों लगा?


टोपी और इफ़्फ़न की दादी अलग-अलग मजहब और जाति के थे पर एक अनजान अटूट रिश्ते से बँधे थे। इस कथन के आलोक में अपने विचार लिखिए।


टोपी नवीं कक्षा में दो बार फ़ेल हो गया। बताइए −

टोपी की भावात्मक परेशानियों को मद्येनज़र रखते हुए शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक बदलाव सुझाइए?


इफ़्फ़न की दादी के मायके का घर कस्टोडियन में क्यों चला गया?


लखनऊ आकर भी इफ्फ़न की दादी की एक विशिष्ट पहचान बनी हुई थी। स्पष्ट कीजिए।


मृत्यु के करीब आने पर इम्फ़न की दादी को क्या-क्या याद आया?


इफ़्फ़न की दादी टोपी को अपने ही परिवार के सदस्यों के उपहास से किस तरह बचाती?


टोपी एक दिन के लिए ही सही अपने बड़े भाई मुन्नी बाबू से क्यों बड़ा होना चाहता था?


प्रेम जाति और उम्र का बंधन नहीं मानता है। स्पष्ट कीजिए।


प्रेम मानवीय रिश्तों की बुनियाद है।’ इसमें उभरने वाले जीवन मूल्यों को टोपी शुक्ला पाठ के आलोक में स्पष्ट कीजिए।


कुछ बच्चों को अपने माता-पिता के पद और हैसियत का कुछ ज्यादा ही घमंड हो जाता है। इसका मानवीय संबंधों पर क्या असर पड़ता है? इसे रोकने के लिए आप क्या सुझाव देना चाहेंगे? ‘टोपी शुक्ला’ पाठ के आलोक में लिखिए।


वह तो जब डॉक्टर साहब की ज़मानत ज़ब्त हो गई तब घर में ज़रा सन्नाटा हुआ और टोपी ने देखा कि इम्तहान सिर पर खड़ा है।

वह पढ़ाई में जुट गया। परंतु ऐसे वातावरण में क्या कोई पढ़ सकता था? इसलिए उसका पास ही हो जाना बहुत था।

"वाह!" दादी बोलीं, "भगवान नज़रे-बद से बचाए। रफ़्तार अच्छी है। तीसरे बरस तीसरे दर्जे में पास तो हो गए।…."

टोपी ज़हीन होने के बावजूद कक्षा में दो बार फेल हो गया। जीवन में प्रतिकूल परिस्थितियों से हार मान लेना कहाँ तक उचित है? टोपी जैसे बच्चों के विषय में आपकी क्या राय है?


बालमन किस स्वार्थ या हिसाब से चलायमान नहीं होता। बचपन प्रेम के रिश्ते के अलावा किसी और रिश्ते को कुबूल नहीं करता। ‘टोपी शुक्ला’ पाठ में टोपी अपने परिवार के एक सदस्य को बदलने की बात करता है। उसकी सोच के आधार पर उसकी मनोदशा का वर्णन कीजिए।


आपके विचार से मित्रता की कौन-कौन सी कसौटियाँ हो सकती हैं? ‘टोपी शुक्ला’ पाठ के संदर्भ में तीन बिंदु लिखिए।


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए:

ठाकुर हरिनाम सिंह के तीनों लड़कों को एहसास था कि वे कलेक्टर के बेटे हैं। लेखक द्वारा ऐसा कहा जाना ठाकुर हरिनाम सिंह के तीनों बेटों और टोपी के विषय में किस विचारधारा को स्पष्ट करता है। 'टोपी शुक्ला' पाठ के आधार पर लिखिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×