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प्रश्न
सन्धिकोषः।
______ = बाल्यात् + एव।
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उत्तर
बाल्यादेव = बाल्यात् + एव।
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सन्धिविग्रहं कुरुत।
चानृतम् = ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
शत्रुभ्यामिव = ______
सन्धिं कुरुत।
सत्पुरुषैः + इति = ______
सन्धिं कुरुत।
परः + वा + इति = ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
नद्यः - ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
शरीरम् - ............।
विरुद्धार्थकशब्दं लिखत।
परः × ______
सुभाषितात् समानार्थकशब्दं लिखत।
वाचकः - ______
सुभाषितात् समानार्थकशब्दं लिखत।
शास्त्रविदः - ______
सुभाषितात् समानार्थकशब्दं लिखत।
कार्यकर्ता - ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
इत्यपि = ______
विरुदधार्थकं शब्दं लिखत।
पवित्रम् × ______
विरुदधार्थकं शब्दं लिखत।
शुष्कम् × ______
समानार्थकशब्दयुग्मं चिनुत।
मृद् - ______
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
अमरकोषः संस्कृतशब्दानां सङ्ग्रहग्रन्थः।
वाक्यं शुद्धं कुरुत।
ग्रन्थालये कोषाय कृते एका विशाला कपाटिका विद्यते।
योग्यविशेषणं चित्वा वाक्यं पुनर्लिखत।
छात्राः ग्रन्थालये ______ पुस्तकानि पश्यन्ति।
समानार्थकशब्दं लिखत।
राक्षसः - ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
ममाज्ञया = ______
श्लोकात् 'क्त' प्रत्ययान्तरूपाणि (क. भू. धा. वि.) चिनुत लिखत च।
सन्धि कुरुत।
तस्य + आदिः (अ + आ) = ______
सन्धिं कुरुत।
तव + अपि (अ + अ) = ______
विशेषणैः जालरेखाचित्रं पूरयत।

समानार्थकशब्दं चिनुत लिखत च।
शष्पम् - ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
सोमशर्मेति = ______
वर्णविग्रहं कुरुत।
स्वभावकृपणः - ______
सवर्णदीर्घसन्धिः।
अ/आ + अ/आ = आ
______ + अत्र = तथात्र।
धातो हेत्वर्थकम् अव्ययं प्रयुज्य वाक्यं पुनर्लिखत।
शृगालः द्राक्षाफलम् (खाद्) उत्पतति।
धातो हेत्वर्थकम् अव्ययं प्रयुज्य वाक्यं पुनर्लिखत।
शृगालः मांसखण्डं (लभ्) काकस्य स्तुतिं करोति।
धातो हेत्वर्थकम् अव्ययं प्रयुज्य वाक्यं पुनर्लिखत।
शशकः निद्रां (कृ) अगच्छत्।
सवर्णदीर्घसन्धिः।
इ/ई + इ/ई = ई
______ + इव = नदीव।
अयादिसन्धिः।
ए/ए + कोऽपि स्वरः = अय्/आय्
कृते + ______ = कृतयायाहि/कृत आयाहि।
अयादिसन्धिः।
ओ/औ + कोऽपि स्वरः = अव्/आव्
______ + एव = द्वावेव।
वृद्धिसन्धिः।
अ/आ + ए/ऐ = ऐ
मम + ______ = ममैश्वर्यम्।
यणसन्धिः।
उ/ऊ + विजातीयः स्वरः = व्।
______ + एतत् = खल्वेतत्।
यणसन्धिः।
ऋ/ॠ + विजातीयः स्वरः = र्।
______ + आज्ञा = पित्राज्ञा।
शुद्धं वा अशुद्धम्?
अहं शाकानि कर्तितवान्।
चतुर्थं पदं लिखत।
हनु - हनूः :: तनु - ______।
पूर्वकालवाचक -धातुसाधित-अव्ययं उपयुज्य वाक्यं लिखत।
सिंहं ______ (दृश्) मुकुलः भीतः।
पूर्वकालवाचक-धातुसाधित-अव्ययं उपयुज्य वाक्यं लिखत।
नौकाम् ______ (आ + नी) अजयः प्रवासम् आरभत।
पूर्वकालवाचक-धातुसाधित-अव्ययं उपयुज्य वाक्यं लिखत।
धनं ______ (लभ्) सोमदत्तः महानगरम् असरत्।
त्वान्तं/ल्यबन्तम् अव्ययं निष्कासयत।
कविः काव्यं विरचय्य गायेत्।
तालिकां पूरयत।
| क्रियापदम् | मूलधातुः | गणः, पदम् | लकारः | पुरुषः | वचनम् |
| १. क्षमस्व | ______ | ______ | लोट् | ______ | ______ |
| २. लभताम् | ______ | १ आ.प. | ______ | ______ | ______ |
| ३. नृत्यन्तु | ______ | ______ | ______ | ______ | बहुवचनम् |
| ४. रचय | रच् | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ५. उत्तरत | उत् + तृ-तर् | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ६. लिखत | ______ | ६ प. प. | ______ | ______ | ______ |
| ७. गायाम | ______ | ______ | लोट् | ______ | ______ |
| ८. भवन्तु | ______ | ______ | ______ | प्रथम | ______ |
आज्ञार्थ-रूपाणि चिनुत लिखत च।
आचार्ये, अपि वयं क्रीडाङ्गणे क्रीडाम?
रूपाभ्यासं कुरुत।
भवेयुः
उचितलिङ्गानुसार पृथक्कुरुत।
| पुं. | स्त्री. | नपुं. |
| ______ | ______ | ______ |
(योषित्, भूभृत्, दिनकृत्, विद्युत्, वियत्, क्ष्माभृत्, तडित्)
योग्यं रूपं लिखत।
राजा नाम ______ (क्ष्माभृत्)।
महत् इति तकारान्त विशेषण पठित्वा तालिका पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| महान् नृपः | महान्तौ नृपौ | महान्तः नृपाः | महान् गुरुः | महान्तौ ______ | महान्तः ______ |
| महान् कविः | महान्तौ कवी | महान्तः कवयः | महान् ______ | महान्तौ ऋषी | महान्तः ______ |
| महती शिला | महत्यौ शिले | महत्यः शिलाः | महती ______ | महत्यौ ______ | महत्यः नार्यः |
| महती नदी | महत्यौ नद्यौ | महत्यः नद्यः | महती धेनुः | महत्यौ ______ | महत्यः ______ |
| महत् नगरम् | महती नगरे | महान्ति नगराणि | महत् ______ | महती विश्वे | महान्ति ______ |
| महत् वस्तु | महती वस्तुनि | महान्ति वस्तूनि | महत् सरः | महती ______ | महान्ति ______ |
समस्तपदं लिखत।
ग्रामं गतः - ______
अधोदत्तान् शब्दान् पठत। एते शब्दस्य समासे कां विभक्तिम् अपेक्षन्ते इति लिखत।
आढ्य - ______
'क्त' प्रत्ययान्तरूपैः रिक्तस्थानानि पूरयत।
अनया कथा ______। (रच्)
'क्तवतु' प्रत्ययान्तरूपैः रिक्तस्थानानि पूरयत।
महिला शाटिकां ______। (धृ)
'क्तवतु' प्रत्ययान्तरूपैः रिक्तस्थानानि पूरयत।
देवाः भक्तान् ______। (रक्ष्)
लकार-तालिकां पूरयत।
लट् |
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
| वन्दते | ______ | ______ | प्रथमपुरुषः | |
| ______ | नृत्यावहे | ______ | उत्तमपुरुषः | |
| ______ | ______ | कथयथ | मध्यमपुरुषः |
रूपाणि परिचिनुत।
| अ. क्र. | नामरूपम् | प्रातिपदिकम् | अन्तः | लिङ्गम् | विभक्तिः | वचनम् |
| १ | भानोः | |||||
| २ | भ्रातुषु | |||||
| ३ | अस्याः |
सवर्णदीर्घसन्धिः।
भानु + ______ = भानूदयः
सवर्णदीर्घसन्धिः।
सदा + ______ = सदैव।
सन्धिकोषः।
धनुरासनमुच्यते = ______ + उच्यते।
सन्धिकोषः।
इत्येव = ______ + एव।
सन्धिकोषः।
किञ्चिदपि = ______ + अपि।
सन्धिकोषः।
सङ्गीतमपि = ______ + अपि।
सन्धिकोषः।
धियो हरति = ______ + हरति।
सन्धिकोषः।
कवेरमरसिंहस्य = कवेः + ______।
सन्धिकोषः।
याचेऽहम् = याचे + ______।
सन्धिकोषः।
तन्न = ______ + न।
सन्धिकोषः।
तवाप्यस्ति = ______ + अपि + ______।
सन्धिकोषः।
तन्मे = तत् + ______।
सन्धिकोषः।
शास्त्रविमुखाश्च = ______ + च।
सन्धिकोषः।
शक्रादपि = ______ + अपि।
सन्धिकोषः।
ततस्तेन = ______ + तेन।
सर्व पुलिङ्ग सर्वनाम।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| सर्वः | ______ | ______ | प्रथमा |
| सर्वम् | ______ | ______ | द्वितीया |
| सर्वेण | ______ | ______ | तृतीया |
| सर्वस्मै | ______ | ______ | चतुर्थी |
| सर्वस्मात् | ______ | ______ | पञ्चमी |
| सर्वस्य | ______ | ______ | षष्ठी |
| सर्वस्मिन् | ______ | ______ | सप्तमी |
| हे सर्व | ______ | ______ | सम्बोधनम् |
भवत् आदरार्थकं सर्वनाम।
भवत् - स्त्रीलिङ्गम् (भवती)
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| भवती | ______ | ______ | प्रथमा |
| भवतीम् | ______ | ______ | द्वितीया |
| भवत्या | ______ | ______ | तृतीया |
| भवत्यै | ______ | ______ | चतुर्थी |
| भवत्याः | ______ | ______ | पञ्चमी |
| भवत्याः | ______ | ______ | षष्ठी |
| भवत्याम् | ______ | ______ | सप्तमी |
| हे भवति | ______ | ______ | सम्बोधनम् |
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
क्रुध् = ______
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
कथ् = ______
