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समाचार पत्रों में फ़िल्मों की समीक्षा दी जाती है। किन्हीं तीन फ़िल्मों की समीक्षा पढ़िए और तीसरी कसम’ फ़िल्म को देखकर इस फ़िल्म की समीक्षा स्वयं लिखने का प्रयास कीजिए।

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प्रश्न

समाचार पत्रों में फ़िल्मों की समीक्षा दी जाती है। किन्हीं तीन फ़िल्मों की समीक्षा पढ़िए और तीसरी कसम’ फ़िल्म को देखकर इस फ़िल्म की समीक्षा स्वयं लिखने का प्रयास कीजिए।

एका वाक्यात उत्तर
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उत्तर

छात्र स्वयं पढ़ें।

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तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र
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पाठ 2.4: तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र - योग्यता विस्तार [पृष्ठ ९६]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Sparsh Bhag 2 [English] Class 10
पाठ 2.4 तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र
योग्यता विस्तार | Q 2 | पृष्ठ ९६

संबंधित प्रश्‍न

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए-

राजकपूर ने 'मेरा नाम जोकर' के निर्माण के समय किस बात की कल्पना भी नहीं की थी?


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए-

राजकपूर की किस बात पर शैलेंद्र का चेहरा मुरझा गया?


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (25-30 शब्दों मेंलिखिए 

फ़िल्मों में त्रासद स्थितियों का चित्रांकन ग्लोरिफ़ाई क्यों कर दिया जाता है।


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लेखक ने राजकपूर को एशिया का सबसे बड़ा शोमैन कहा है। शोमैन से आप क्या समझते हैं?


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'तीसरी कसम' में राजकपूर का महिमामय व्यक्तित्व किस तरह हीरामन की आत्मा में उतर गया। स्पष्ट कीजिए।


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निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए -

व्यथा आदमी को पराजित नहीं करती, उसे आगे बढ़ने का संदेश देती है।


लोकगीत हमें अपनी संस्कृति से जोड़ते हैं। तीसरी कसम’ फ़िल्म में लोकगीतों का प्रयोग किया गया है। आप भी अपने क्षेत्र के प्रचलित दो-तीन लोकगीतों को एकत्र कर परियोजना कॉपी पर लिखिए।


संगम की सफलता से उत्साहित राजकपूर ने कन-सा कदम उठाया?


एक निर्माता के रूप में बड़े व्यावसायिक सा- युवा भी चकर क्यों खा जाते हैं?


शैलेंद्र ने अच्छी फ़िल्म बनाने के लिए दवा किया?


‘तीसरी कसम’ जैसी फ़िल्म बनाने के पीछे शैलेंद्र की मंशा क्या थी?


शैलेंद्र द्वारा बनाई गई फ़िल्म चल रहीं, इसके कारण क्या थे?


‘रातें दसों दिशाओं से कहेंगी अपनी नयाँ’ इस पंक्ति के रेखांकित अंश पर किसे आपत्ति थी और क्यों?


हिंदी फ़िल्म जगत में एक सार्थक और उद्देश्यपरक फ़िल्म बनाना कठिन और जोखिम का काम है।’ स्पष्ट कीजिए।


‘राजकपूर जिन्हें समीक्षक और कलामर्मज्ञ आँखों से बात करने वाला मानते हैं’ के आधार पर राजकपूर के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालिए।


उत्कृष्ट होते हए भी 'तीसरी कसम' फ़िल्म सिनेमाघरों में क्यो नहीं चली?


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