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साम्य स्थिरांक का व्यंजक लिखते समय समझाइए कि शुद्ध द्रवों एवं ठोसों को उपेक्षित क्यों किया जा सकता है?

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प्रश्न

साम्य स्थिरांक का व्यंजक लिखते समय समझाइए कि शुद्ध द्रवों एवं ठोसों को उपेक्षित क्यों किया जा सकता है?

संख्यात्मक
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उत्तर

[शुद्ध द्रव] या [शुद्ध ठोस] = `"मोलों की संख्या"/"L में आयतन"`

`= ("द्रव्यमान"//"आण्विक द्रव्यमान")/"आयतन"`

`= "द्रव्यमान"/"आयतन" xx 1/("आण्विक द्रव्यमान")`

`= "घनत्व"/"आण्विक द्रव्यमान"`

शुद्ध ठोस या शुद्ध द्रव के आण्विक द्रव्यमान तथा घनत्व नियत ताप पर निश्चित होते हैं, अतः इनके मोलर सांद्रण नियत होते हैं। यही कारण है कि इन्हें साम्य स्थिरांक के व्यंजक में उपेक्षित किया जा सकता है।

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रासायनिक साम्यावस्था का नियम तथा साम्यावस्था स्थिरांक
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 6: साम्यावस्था - अभ्यास [पृष्ठ २२९]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Rasayan bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 11
पाठ 6 साम्यावस्था
अभ्यास | Q 7.7 | पृष्ठ २२९

संबंधित प्रश्‍न

निम्नलिखित अभिक्रिया के लिए साम्य स्थिरांक Kc का व्यंजक लिखिए-

\[\ce{2Cu(NO3)2(s) ⇌ 2CuO(s) + 4NO2(g) + O2(g)}\]


निम्नलिखित अभिक्रिया के लिए साम्य स्थिरांक Kc का व्यंजक लिखिए-

\[\ce{Fe^{3+} (aq) + 3OH– (aq) ⇌ Fe(OH)3 (s)}\]


Kp के मान से निम्नलिखित में से साम्य के लिए Kc का मान ज्ञात कीजिए-

\[\ce{CaCO3(s) ⇌ CaO(s) + CO2(g); {K_p} = 167}\] at 1073 K


साम्य \[\ce{NO(g) +O3(g) ⇌NO2(g) +O2(g)}\] के लिए 1000 K पर Kc = 6.3 × 1014 है। साम्य में अग्र एवं प्रतीप दोनों अभिक्रियाएँ प्राथमिक रूप से द्विअणुक हैं। प्रतीप अभिक्रिया के लिए Kc क्या है?


N2 एवं O2 के मध्य निम्नलिखित अभिक्रिया होती है-

\[\ce{2N2(g) +O2(g) ⇌ 2N2O(g)}\]

यदि एक 10 L के पात्र में 0.482 मोल N2 एवं 0.933 मोल O2 रखें जाएँ तथा एक ताप, जिस पर N2O बनने दिया जाए तो साम्य मिश्रण का संघटन ज्ञात कीजिए Kc = 2.0 × 10-37


HI(g) का एक नमूना 0.2 atm दाब पर एक फ्लास्क में रखा जाता है। साम्य पर HI(g) का आंशिक दाब 0.04 atm है। यहाँ दिए गए साम्य के लिए Kp का मान क्या होगा?

\[\ce{2HI(g) ⇌ H2(g) +I2(g)}\]


H2O का एक मोल एवं CO का एक मोल 725 K ताप पर 10 L के पात्र में लिए जाते हैं। साम्य पर 40% जल (भारात्मक) CO के साथ निम्नलिखित समीकरण के अनुसार अभिक्रिया करता है-

\[\ce{H2O(g) + CO(g) ⇌ H2(g) + CO2(g)}\]

अभिक्रिया के लिए साम्य स्थिरांक की गणना कीजिए।


298 K पर NO एवं O2 से NO2 बनती है-

\[\ce{NO(g) + \frac{1}{2} O2(g) ⇌ NO2(g)}\]

अभिक्रिया के लिए (क) ∆G एवं (ख) साम्य स्थिरांक की गणना कीजिए-
fG (NO2) = 52.0 kJ/mol

fG (NO) = 87.0 kJ/mol

fG (O2) = 0 kJ/mol


साम्य \[\ce{2H2(g) + CO(g) ⇌ CH3OH(g)}\] पर प्रभाव बताइए।

CH3OH मिलाने पर


साम्य \[\ce{2H2(g) + CO(g) ⇌ CH3OH(g)}\] पर प्रभाव बताइए।

 CH3OH हटाने पर


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