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साम्य स्थिरांक का व्यंजक लिखते समय समझाइए कि शुद्ध द्रवों एवं ठोसों को उपेक्षित क्यों किया जा सकता है?

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प्रश्न

साम्य स्थिरांक का व्यंजक लिखते समय समझाइए कि शुद्ध द्रवों एवं ठोसों को उपेक्षित क्यों किया जा सकता है?

संख्यात्मक
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उत्तर

[शुद्ध द्रव] या [शुद्ध ठोस] = `"मोलों की संख्या"/"L में आयतन"`

`= ("द्रव्यमान"//"आण्विक द्रव्यमान")/"आयतन"`

`= "द्रव्यमान"/"आयतन" xx 1/("आण्विक द्रव्यमान")`

`= "घनत्व"/"आण्विक द्रव्यमान"`

शुद्ध ठोस या शुद्ध द्रव के आण्विक द्रव्यमान तथा घनत्व नियत ताप पर निश्चित होते हैं, अतः इनके मोलर सांद्रण नियत होते हैं। यही कारण है कि इन्हें साम्य स्थिरांक के व्यंजक में उपेक्षित किया जा सकता है।

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रासायनिक साम्यावस्था का नियम तथा साम्यावस्था स्थिरांक
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?

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निम्नलिखित अभिक्रिया के लिए साम्य स्थिरांक Kc का व्यंजक लिखिए-

\[\ce{2Cu(NO3)2(s) ⇌ 2CuO(s) + 4NO2(g) + O2(g)}\]


Kp के मान से निम्नलिखित में से साम्य के लिए Kc का मान ज्ञात कीजिए-

\[\ce{2NOCI(g) ⇌ 2NO(g) + Cl2(g); {K_p} = 1.8 × 10^{-2}}\] at 500 K


Kp के मान से निम्नलिखित में से साम्य के लिए Kc का मान ज्ञात कीजिए-

\[\ce{CaCO3(s) ⇌ CaO(s) + CO2(g); {K_p} = 167}\] at 1073 K


साम्य \[\ce{NO(g) +O3(g) ⇌NO2(g) +O2(g)}\] के लिए 1000 K पर Kc = 6.3 × 1014 है। साम्य में अग्र एवं प्रतीप दोनों अभिक्रियाएँ प्राथमिक रूप से द्विअणुक हैं। प्रतीप अभिक्रिया के लिए Kc क्या है?


निम्नलिखित अभिक्रिया के अनुसार नाइट्रिक ऑक्साइड Br2 से अभिक्रिया कर नाइट्रोसिल ब्रोमाइड बनाती है-

\[\ce{2NO(g) + Br2(g) ⇌ 2NOBr(g)}\]

जब स्थिर ताप पर एक बंद पात्र में 0.087 मोल NO एवं 0.0437 मोल Br2 मिश्रित किए जाते हैं, तब 0.0518 मोल NOBr प्राप्त होती है। NO एवं Br2 की साम्य मात्रा ज्ञात कीजिए।


साम्य \[\ce{2SO2(g) +O2(g) ⇌ 2SO3(g)}\] के लिए 450 K पर Kp = 2.0 × 1010 bar है। इस ताप पर Kc का मान ज्ञात कीजिए।


H2O का एक मोल एवं CO का एक मोल 725 K ताप पर 10 L के पात्र में लिए जाते हैं। साम्य पर 40% जल (भारात्मक) CO के साथ निम्नलिखित समीकरण के अनुसार अभिक्रिया करता है-

\[\ce{H2O(g) + CO(g) ⇌ H2(g) + CO2(g)}\]

अभिक्रिया के लिए साम्य स्थिरांक की गणना कीजिए।


298 K पर NO एवं O2 से NO2 बनती है-

\[\ce{NO(g) + \frac{1}{2} O2(g) ⇌ NO2(g)}\]

अभिक्रिया के लिए (क) ∆G एवं (ख) साम्य स्थिरांक की गणना कीजिए-
fG (NO2) = 52.0 kJ/mol

fG (NO) = 87.0 kJ/mol

fG (O2) = 0 kJ/mol


साम्य \[\ce{2H2(g) + CO(g) ⇌ CH3OH(g)}\] पर प्रभाव बताइए।

CH3OH मिलाने पर


साम्य \[\ce{2H2(g) + CO(g) ⇌ CH3OH(g)}\] पर प्रभाव बताइए।

CO हटाने पर


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