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प्रतिलोम परासरण को संपन्न करने के लिए उपयोग में आने वाले अर्धपारगम्य झिल्ली के निर्माण के लिए एक पदार्थ का उदाहरण दीजिए।

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प्रश्न

प्रतिलोम परासरण को संपन्न करने के लिए उपयोग में आने वाले अर्धपारगम्य झिल्ली के निर्माण के लिए एक पदार्थ का उदाहरण दीजिए।

एका वाक्यात उत्तर
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उत्तर

सेल्यूलोज एसीटेट, पोटैशियम फेरोसाइनाइड आदि का उपयोग प्रतिलोमन परासरण के लिए अर्धपारगम्य झिल्ली के रूप में किया जाता है।

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अनुसंख्य गुणधर्म और आण्विक द्रव्यमान की गणना
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 2: विलयन - अभ्यास [पृष्ठ २६]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Chemistry [Hindi] Class 12
पाठ 2 विलयन
अभ्यास | Q III. 46. | पृष्ठ २६

संबंधित प्रश्‍न

शक्कर के 5% (द्रव्यमान) जलीय विलयन का हिमांक 271 K है। यदि शुद्ध जल का हिमांक 273.15 K है तो ग्लूकोस के 5% जलीय विलयन के हिमांक की गणना कीजिए।


अणुसंख्य गुणधर्म ______पर निर्भर करते हैं।


क्वथनांक उन्नयन स्थिरांक की इकाई है-


दो द्रव A और B एक विशिष्ट संघटन में न्यूनतम क्वथनांकी स्थिरक्वाथी बनाते हैं तब ______।


अणुसंख्य गुणधर्म तब प्रेक्षित होते हैं जब ______।

  1. किसी अवाष्पशील ठोस को वाष्पशील द्रव में घोला जाता है।
  2. किसी अवाष्पशील द्रव को एक अन्य वाष्पशील द्रव में घोला जाता है।
  3. किसी गैस को अवाष्पशील द्रव में घोला जाता है।
  4. एक वाष्पशील तरल दूसरे वाष्पशील तरल में घुल जाता है।

अभिकथन - मेथिल ऐल्कोहॉल को जल में घोलने से जल का क्वथनांक बढ़ता है।

तर्के - वाष्पशील ठोस को वाष्पशील विलयन में मिलाने से क्वथनांक में उन्नयन प्रेक्षित होता है।


अभिकथन - जब एक अर्धपारगम्य झिल्ली द्वारा एक विलयन को शुद्ध विलायक से पृथक किया जाता है तो शुद्ध विलायक की ओर से विलायक के अणु झिल्ली में से होकर विलयन की ओर जाते हैं।

तर्के - विलायक का विसरण उच्च सांद्रता वाले विलयन क्षेत्र से निम्न सांद्रता वाले विलयन क्षेत्र की ओर होता है।


परासरण के जैविक तथा औद्योगिक अनुप्रयोगों की विवेचना कीजिए।


आप अंडे की अर्धपारगम्य झिल्ली को हानि पहुँचाए बिना इस पर से कैल्सियम कार्बोनेट की कठोर सतह को कैसे हटा सकते हैं? क्या इस अंडे की आकृति को बदले बिना इसे एक संकरे मुँह वाली बोतल में प्रवेशित किया जा सकता है? इसमें सम्मिलित प्रक्रिया को समझाइए।


वान्टहॉफ कारक की सहायता से समझाइए कि अणुसंख्यक गुण मापन विधि द्वारा कुछ विलेयों के लिए निर्धारित द्रव्यमान असामान्य क्यों होता है।


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