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प्रथम सवैये के आधार पर बताइए कि प्राण पहले कैसे पल रहे थे और अब क्यों दुखी हैं? - Hindi (Elective)

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प्रश्न

प्रथम सवैये के आधार पर बताइए कि प्राण पहले कैसे पल रहे थे और अब क्यों दुखी हैं?

थोडक्यात उत्तर
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उत्तर

प्रथम सवैये के अनुसार संयोगावस्था में होने के कारण प्रेयसी कवि के पास ही थी। अतः उसे देखकर ही वह सुख पाता था और जीवित था। इसी कारण उसे बहुत संतोष था। उसकी प्रेमिका उसके साथ थी परन्तु अब स्थिति इसके विपरीत है। प्रेमिका ने उसका साथ नहीं दिया और उसे छोड़ दिया है। यह वियोगवस्था है। प्रेमिका की अनुपस्थिति उसे व्याकुल बना रही है। उसके प्राण उससे मिलने के लिए व्याकुल हुए जा रहे हैं। इस कारण वह दुख में है तथा कुछ भी सुहाता नहीं है।

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सवैया
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?

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तब तौ छबि पीवत जीवत हे, अब सोचन लोचन जात जरे।


निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-
सो घनआनंद जान अजान लौं टूक कियौ पर वाँचि न देख्यौ।


निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-

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संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए-
तब तौ छबि पीवत जीवत हे, ______ बिललात महा दुःख दोष भरे।


संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए-
ऐसो हियो हित पत्र पवित्र ______ टूक कियौ पर बाँचि न देख्यौ।


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