Advertisements
Advertisements
प्रश्न
परागकण भित्ति रचना में टेपीटम की भूमिका की व्याख्या कीजिए।
Advertisements
उत्तर
टेपीटम परागकोश की सबसे भीतरी दीवार परत है। इस परत की कोशिकाओं में बड़े नाभिक और स्थूल कोशिका द्रव्य होता है। यह परत शारीरिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इसे बाहर से अधिकांश भोजन प्राप्त होता है। परिपक्व होने पर, ये कोशिकाएँ विघटित हो जाती हैं और अंदर विकसित हो रहे लघुबीजाणु या पराग को पोषण देती हैं। टेपीटम वह परत है जो हार्मोन्स के साथ-साथ एंजाइम भी स्रावित करती है।
टेपीटम की प्रमुख भूमिका पराग को पोषक तत्व प्रदान करना है, लेकिन यह कुछ अत्यंत महत्वपूर्ण रसायनों का स्राव भी करता है जैसे:
- कैलाज एंजाइम: टेपीटम एक कैलाज एंजाइम का स्राव करता है, जो कैलोज यौगिकों को घोल देता है और पराग चुतुष्क के चार परागकण को जोड़ता है, जिससे चुतुष्क के लघुबीजाणु या पराग अलग हो जाते हैं।
- यूबिश बॉडीज: टेपीटम वसा-आधारित पदार्थों का स्राव भी करता है। यूबिश बॉडीज स्पोरोपोलेनिन से ढकी होती हैं, जो बाह्मचोल (पराग की दीवार की बाहरी परत) की स्थूलता को बढ़ाती हैं। यूबिश बॉडीज गोलाकार होती हैं, जिनका व्यास बमुश्किल कुछ माइक्रोन होता है। ये विशेष रूप से ग्रंथि संबंधी टेपीटम द्वारा उत्पादित होते हैं।
- परागकण पदार्थ: टेपीटम पोलेनकिट भी स्रावित करता है, जो कई कीटप्रेमी पौधों में पराग कणों का सबसे बाहरी तैलीय, मोटा, चिपचिपा, चिपचिपा, इलेक्ट्रॉन-घना समरूप आवरण होता है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
स्व-अयोग्यता क्या है?
बैगिंग (बोरावस्त्रावरण) या थैली लगाना तकनीक क्या है?
विपुंसन से क्या तात्पर्य है?
लघुबीजाणुधानी तथा गुरुबीजाणुधानी के बीच अन्तर स्पष्ट करें।
इनमें विभेद करें –
बीजपत्राधार तथा बीजपत्रोपरिक
इनमें विभेद करें –
अध्यावरण तथा बीज चोल
लघुबीजाणुधानी तथा गुरूबीजांणुधानी घटनाओं के दौरान किस प्रकार का कोशिका विभाजन संपन्न होता है?
लघुबीजाणुधानी तथा गुरूबीजांणुधानी घटनाओं के अंत में बनने वाली संरचनाओं के नाम बताएँ?
क्या अनुन्मील्य पुष्पों में परपरागण सम्पन्न होता है? अपने उत्तर की सतर्क व्याख्या करें।
स्व-अयोग्यता वाली प्रजातियों में स्व-परागण प्रक्रिया बीज की रचना तक क्यों नहीं पहुँच पाती है?
