Advertisements
Advertisements
प्रश्न
विपुंसन से क्या तात्पर्य है?
Advertisements
उत्तर
विपुंसन में पुष्प कलियों से पुंकेसर (मुख्यतः परागकोश) को उनके विखंडन से पहले हटा दिया जाता है। यह मुख्य रूप से स्व-परागण से बचने के लिए किया जाता है। कृत्रिम संकरण में विपुंसन एक उपाय है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
निम्नलिखित शब्दावलियों को सही विकासीय क्रम में व्यवस्थित करें-
परागकण, बीजाणुजन ऊतक, लघुबीजाणु चतुष्क, परागमातृ कोशिका, नर युग्मक।
आप मादा युग्मकोभिद् के एकबीजाणुज विकास से क्या समझते हैं?
एक स्पष्ट एवं साफ-सुथरे चित्र के द्वारा परिपक्व मादा युग्मकोद्भिद के 7-कोशीय, 8-न्युकिलयेट (केंद्रक) प्रकृति की व्याख्या करें।
उन्मील परागणी पुष्पों से क्या तात्पर्य है?
परागकण भित्ति रचना में टेपीटम की भूमिका की व्याख्या कीजिए।
इनमें विभेद करें –
बीजपत्राधार तथा बीजपत्रोपरिक
लघुबीजाणुधानी तथा गुरूबीजांणुधानी घटनाओं के दौरान किस प्रकार का कोशिका विभाजन संपन्न होता है?
लघुबीजाणुधानी तथा गुरूबीजांणुधानी घटनाओं के अंत में बनने वाली संरचनाओं के नाम बताएँ?
स्व-अयोग्यता वाली प्रजातियों में स्व-परागण प्रक्रिया बीज की रचना तक क्यों नहीं पहुँच पाती है?
एक पादप प्रजनक कब और क्यों विपुंसन तकनीक का प्रयोग करता है?
