Advertisements
Advertisements
प्रश्न
इनमें विभेद करें –
बीजपत्राधार तथा बीजपत्रोपरिक
फरक स्पष्ट करा
Advertisements
उत्तर
| बीजपत्राधार | बीजपत्रोपरिक | |
| 1. | यह बीजपत्र ग्रंथि और मूलांकुर के बीच भ्रूणीय अक्ष का भाग है। | यह प्रांकुर और बीजपत्र ग्रंथि के बीच भ्रूणीय अक्ष का भाग है। |
| 2. | उपरी सतह अंकुरण में, बीजपत्राधार लंबा हो जाता है जिससे बीजपत्र मिट्टी से बाहर आ जाते हैं। | अधोगशयी अंकुरण में, बीजपत्रोपरिक लंबा हो जाता है, जिससे बीजपत्र मिट्टी में ही रह जाते हैं। |
| 3. | बीजपत्राधार का अंतिम सिरा मूलांकुर होता है। | बीजपत्रोपरिक का अंतिम सिरा प्रांकुर होता है। |
shaalaa.com
निषेचन - पूर्व - संरचनाएँ एवं घटनाएँ
या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
आप मादा युग्मकोभिद् के एकबीजाणुज विकास से क्या समझते हैं?
उन्मील परागणी पुष्पों से क्या तात्पर्य है?
बैगिंग (बोरावस्त्रावरण) या थैली लगाना तकनीक क्या है?
परागकण भित्ति रचना में टेपीटम की भूमिका की व्याख्या कीजिए।
विपुंसन से क्या तात्पर्य है?
लघुबीजाणुधानी तथा गुरुबीजाणुधानी के बीच अन्तर स्पष्ट करें।
लघुबीजाणुधानी तथा गुरूबीजांणुधानी घटनाओं के दौरान किस प्रकार का कोशिका विभाजन संपन्न होता है?
लघुबीजाणुधानी तथा गुरूबीजांणुधानी घटनाओं के अंत में बनने वाली संरचनाओं के नाम बताएँ?
स्व-अयोग्यता वाली प्रजातियों में स्व-परागण प्रक्रिया बीज की रचना तक क्यों नहीं पहुँच पाती है?
एक पादप प्रजनक कब और क्यों विपुंसन तकनीक का प्रयोग करता है?
