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प्रश्न
पद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 40 शब्दों में दीजिए:
'बगुलों के पंख' कविता से उद्धृत पंक्ति 'हौले-हौले जाती मुझे बाँध निज माया से' −में कवि किस माया की बात कर रहा है?
लघु उत्तर
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उत्तर
'बगुलों के पंख' कविता की पंक्ति 'हौले-हौले जाती मुझे बाँध निज माया से' में कवि उस आकर्षण और सौंदर्य की माया की बात कर रहा है, जो बगुलों की पंक्ति को देखकर उनके मन में उत्पन्न होती है। आकाश में बगुले अपने पंख फैलाए हुए जब कतारबद्ध उड़ते हैं, तो वह दृश्य सांझ की श्वेत कांतिमय छवि जैसा प्रतीत होता है। इस अद्भुत दृश्य की माया कवि को अपने सौंदर्य, शांति और रहस्यमयता से बांध लेती है।
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या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
