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प्रश्न
ऊष्मा के दो उत्तम चालकों और दो दुर्बल चालकों के उदाहरण दीजिए।
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उत्तर
- धातुएँ जो ऊष्मा की सुचालक होती हैं - लोहा और ताँबा
- धातुएँ जो ऊष्मा की कुचालक होती हैं - सीसा और पारा
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संबंधित प्रश्न
धातुएँ सामान्यतः अम्लों से क्रिया कर लवण तथा हाइड्रोजन गैस देती है। निम्नलिखित में से कौन-सा अम्ल धातुओं (Mn तथा Mg के अतिरिक्त) से अभिक्रिया कर हाइड्रोजन गैस नहीं देता है?
एक विदयुत-अपघटनी सेल बनता है ______
- धनावेशित कैथोड से
- ऋणावेशित ऐनोड से
- धनावेशित ऐनोड से
- ऋणावेशित कैथोड से
विद्युत तारों पर विद्युतरोधी पदार्थ की एक परत होती है। सामान्यतः उपयोग में लिये जाने वाला यह पदार्थ है ______
धातुओं के निष्कर्षण में विद्युत अपघटनी परिष्करण का उपयोग शुद्ध धातुओं को प्राप्त करने में किया जाता है।
(अ) इस प्रक्रम द्वारा सिल्वर धातु को शुद्ध अवस्था में प्राप्त करने के लिए कौन-से पदार्थ के कैथोड व ऐनोड काम में लिए जाते हैं।
(ब) एक उपयुक्त विद्युत अपघट्य का भी सुझाव दीजिए।
(स) इस विद्युत अपघटनी सेल में विद्युतधारा प्रवाहित करने के उपरांत हमें शुद्ध सिल्वर कहाँ प्राप्त होगा?
एक अधातु A हमारे भोजन का प्रमुख अवयव है। B व C दो ऑक्साइड बनाता है। ऑक्साइड B विषैला है जबकि C भू-मंडलीय तापन करता है।
- A, B तथा C को पहचानिए।
- आवर्त सारणी के किस समूह से A संबंधित है?
एक तत्व एक ऑक्साइड A2O3 बनाता है, जो कि अम्लीय प्रकृति का है। धातु अथवा अधातु के रूप में A को पहचानिए।
CuSO4 के विलयन को आयरन के पात्र में रखा गया। कुछ दिनों के पश्चात् आयरन के पात्र में बहुत से छिद्र पाये गए। अभिक्रियाशीलता के संदर्भ में कारण समझाइये। संबंधित से अभिक्रिया का रासायनिक समीकरण लिखिए।
एक अधातु A जो वायु का सबसे बड़ा अवयव है, उत्प्रेरक (Fe) की उपस्थिति में हाइड्रोजन के साथ 1 : 3 अनुपात में गरम किए जाने पर एक गैस B देता है। O, के साथ अभिक्रिया पर यह एक ऑक्साइड C देता है। यदि इस ऑक्साइड को वायु की उपस्थिति में जल में प्रवाहित करते हैं तो यह एक अम्ल D देता है जो कि एक प्रबल ऑक्सीकारक की भाँति व्यवहार करता है।
- A, B, C तथा D को पहचानिए।
- यह अधातु आवर्त सारणी के किस समूह से संबंधित है?
कम तथा मध्यम क्रियाशीलता वाले धातुओं को उनके संगत सल्फाइड अयस्कों द्वारा निष्कर्षण से संबंधित पद दीजिए।
निम्नलिखित को समझाइए-
- AI को यदि HNO3 में डुबोया जाता है तो उसकी अभिक्रियाशीलता कम होती है।
- Na अथवा Mg के ऑक्साइडों को कार्बन अपचयित नहीं कर सकता है।
- NaCl ठोस अवस्था में विद्युत का चालक नहीं है जबकि यह जलीय विलयन तथा गलित अवस्था में विद्युत का संचलन करता है।
- आयरन की वस्तुओं को गैल्वेनीकृत किया जाता है।
- धातुएँ जैसे Na, K, Ca तथा Mg प्रकृति में कभी भी मुक्त अवस्था में नहीं पाई जाती हैं।
