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प्रश्न
निम्नलिखित पंक्तियों में स्थानीय बोली का प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है, आप इन पंक्तियों को मानक हिंदी में लिखिए -
कोई गिराक आ गया समझो। उसको चौड़े चौखट चाहिए। तो कैप्टन किदर से लाएगा? तो उसको मूर्तिवाला दे दिया। उदर दूसरा बिठा दिया।
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उत्तर
मानक हिंदी में रुपांतरित-
कोई ग्राहक आ गया, समझिए। उसे चौड़ा चौखट चाहिए था। तो कैप्टन उसे कहाँ से लाता? इसलिए उसे मूर्तिवाला दे दिया और उधर दूसरा बैठा दिया।
संबंधित प्रश्न
हालदार साहब ने ड्राइवर को पहले चौराहे पर गाड़ी रोकने के लिए मना किया था लेकिन बाद में तुरंत रोकने को कहा -
(क) हालदार साहब पहले मायूस क्यों हो गए थे?
(ख) मूर्ति पर सरकंडे का चश्मा क्या उम्मीद जगाता है?
(ग) हालदार साहब इतनी-सी बात पर भावुक क्यों हो उठे?
"वो लँगड़ा क्या जाएगा फ़ौज में। पागल है पागल!"
कैप्टन के प्रति पानवाले की इस टिप्पणी पर अपनी प्रतिक्रिया लिखिए।
जब तक हालदार साहब ने कैप्टन को साक्षात् देखा नहीं था तब तक उनके मानस पटल पर उसका कौन-सा चित्र रहा होगा, अपनी कल्पना से लिखिए।
कस्बों, शहरों, महानगरों के चौराहों पर किसी न किसी क्षेत्र के प्रसिद्ध व्यक्ति की मूर्ति लगाने का प्रचलन-सा हो गया है -
(क) इस तरह की मूर्ति लगाने के क्या उद्देश्य हो सकते हैं?
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(ग) उस मूर्ति के प्रति आपके एवं दूसरे लोगों के क्या उत्तरदायित्व होने चाहिए?
'भई खूब! क्या आइडिया है।' इस वाक्य को ध्यान में रखते हुए बताइए कि एक भाषा में दूसरी भाषा के शब्दों के आने से क्या लाभ होते हैं?
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नेताजी की मूर्ति का संक्षिप्त चित्रण कीजिए।
नेताजी की मूर्ति में कौन-सी कमी खटकती थी?
कैप्टन कौन था? उसका व्यक्तित्व नाम के विपरीत कैसे था?
कैप्टन मूर्ति के चश्मे को बार-बार क्यों बदल दिया करता था?
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हालदार साहब के लिए कैप्टन सहानुभूति का पात्र था? इसे आप कितना उचित समझते हैं?
बच्चों द्वारा मूर्ति पर सरकंडे का चश्मा क्या प्रदर्शित करता है?
निम्नलिखित पठित गद्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए -
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जीप कस्बा छोड़कर आगे बढ़ गई तब भी हालदार साहब इस मूर्ति के बारे में ही सोचते रहे, और अंत में इस निष्कर्ष पर पहुँचे कि कुल मिलाकर कस्बे के नागरिकों का यह प्रयास सराहनीय ही कहा जाना चाहिए। महत्त्व मूर्ति के रंग-रूप या कद का नहीं, उस भावना का है वरना तो देशभक्ति भी आजकल मजाक की चीज़ होती जा रही है। दूसरी बार जब हालदार साहब उधर से गुजरे तो उन्हें मूर्ति में कुछ अंतर दिखाई दिया। ध्यान से देखा तो पाया कि चश्मा दूसरा है। पहले मोटे फ्रेमवाला चौकोर चश्मा था, अब तार के फ्रेमवाला गोल चश्मा है। हालदार साहब का कौतूहल और बढ़ा। वाह भई! क्या आइडिया है। मूर्ति कपड़े नहीं बदल सकती लेकिन चश्मा तो बदल ही सकती है। |
- 'जीप कस्बा छोड़कर आगे बढ़ गई' अर्थात
A. जीप कस्बे में बिना रुके आगे बढ़ गई।
B. जीप कस्बे में रुक कर आगे बढ़ गई।
C. जीप कस्बे में रुक गई।
D. जीप कस्बे में नहीं गई। - हालदार साहब किसके विषय में सोचते रहे?
A. नेताजी के बारे में
B. मूर्ति के बारे में
C. चौराहे के बारे में
D. कस्बे के बारे में - 'वरना तो देशभक्ति भी आजकल मजाक की चीज़ होती जा रही है।' से आशय है...
A. आजकल देशभक्त होना संभव नहीं है।
B. आजकल देशभक्त होना हास्यास्पद हो गया है।
C. आजकल सभी देशभक्त हो गए हैं।
D. आजकल देशभक्ति की प्रासंगिकता नहीं है। - दूसरी बार जब हालदार साहब उधर से गुजरे तो उन्हें मूर्ति में क्या अंतर दिखाई दिया?
A. मूर्ति पर कोई चश्मा नहीं था।
B. मूर्ति पर पुराना चश्मा था।
C. मूर्ति पर एक नया चश्मा था।
D. मूर्ति छतिग्रस्त थी। - 'नेताजी का चश्मा' पाठ..
A. देशभक्ति के भाव पर व्यंग्य करता है।
B. देशभक्ति की प्रासंगिकता पर सवाल उठाता है।
C. देशभक्ति के महत्व को स्थापित करता है।
D. देशभक्ति के प्रति उम्मीद जगाता है।
गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -
कैप्टन नेताजी की मूर्ति पर लगा चश्मा अकसर क्यों बदल देता था? उसकी इस हरकत से आपके मन में उसके प्रति कौन-से भाव आते हैं?
