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प्रश्न
जब तक हालदार साहब ने कैप्टन को साक्षात् देखा नहीं था तब तक उनके मानस पटल पर उसका कौन-सा चित्र रहा होगा, अपनी कल्पना से लिखिए।
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उत्तर
हालदार साहब के मन में कैप्टन की छवि एक वीर, प्रभावशाली और दृढ़ निश्चयी व्यक्ति के रूप में बनी हुई थी। उन्होंने संभवतः यह कल्पना की होगी कि कैप्टन एक बलवान और अनुशासित सैनिक है, जिसकी वाणी कठोर होने पर भी न्यायपूर्ण है। वे उसे ऐसे अधिकारी के रूप में देखते होंगे जो अपने दायित्वों के प्रति समर्पित है और अपने सैनिकों के लिए एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करता है। उनकी कल्पना में कैप्टन का व्यक्तित्व एक प्रेरक और सम्मानित नेता के रूप में उभरकर आया होगा।
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- 'जीप कस्बा छोड़कर आगे बढ़ गई' अर्थात
A. जीप कस्बे में बिना रुके आगे बढ़ गई।
B. जीप कस्बे में रुक कर आगे बढ़ गई।
C. जीप कस्बे में रुक गई।
D. जीप कस्बे में नहीं गई। - हालदार साहब किसके विषय में सोचते रहे?
A. नेताजी के बारे में
B. मूर्ति के बारे में
C. चौराहे के बारे में
D. कस्बे के बारे में - 'वरना तो देशभक्ति भी आजकल मजाक की चीज़ होती जा रही है।' से आशय है...
A. आजकल देशभक्त होना संभव नहीं है।
B. आजकल देशभक्त होना हास्यास्पद हो गया है।
C. आजकल सभी देशभक्त हो गए हैं।
D. आजकल देशभक्ति की प्रासंगिकता नहीं है। - दूसरी बार जब हालदार साहब उधर से गुजरे तो उन्हें मूर्ति में क्या अंतर दिखाई दिया?
A. मूर्ति पर कोई चश्मा नहीं था।
B. मूर्ति पर पुराना चश्मा था।
C. मूर्ति पर एक नया चश्मा था।
D. मूर्ति छतिग्रस्त थी। - 'नेताजी का चश्मा' पाठ..
A. देशभक्ति के भाव पर व्यंग्य करता है।
B. देशभक्ति की प्रासंगिकता पर सवाल उठाता है।
C. देशभक्ति के महत्व को स्थापित करता है।
D. देशभक्ति के प्रति उम्मीद जगाता है।
पानवाले ने नेताजी की मूर्ति पर चश्मा न होने का कारण बताया - 'मास्टर बनाना भूल गया' - यह उसके लिए कैसी बात थी और हालदार साहब के लिए कैसी?
गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:
'नेताजी का चश्मा' पाठ के आधार पर लिखिए कि-
हालदार साहब का कस्बे के नागरिकों का कौन-सा प्रयास सराहनीय लगा और क्यों?
गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:
हालदार साहब को नेताजी की मूर्ति में कौन-सी कमी नज़र आई और उन्होंने उसके कारण के विषय में क्या-क्या अनुमान लगाया?
