मराठी

निम्नलिखित में से किस अणु में तारांकित (*) कार्बन परमाणु असममित है? (a) H|.CA∗/..|..∖..I...Br.Cl. (b) D|.CA∗/..|..∖..I...Br.Cl. (c) H|.CA∗/..|..∖..OH..CA2HA5CHA3 (d) H|.CA∗/..|..∖....H..CA2HA5CHA3 - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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प्रश्न

निम्नलिखित में से किस अणु में तारांकित (*) कार्बन परमाणु असममित है?

(a) \[\begin{array}{cc}
\ce{H}\\
|\\
\phantom{.}\ce{C^*}\phantom{}\\
\phantom{}/\phantom{..}|\phantom{..}\backslash\phantom{}\\
\phantom{..}\ce{I}\phantom{...}\ce{Br}\phantom{.}\ce{Cl}\phantom{.}
\end{array}\]

(b) \[\begin{array}{cc}
\ce{D}\\
|\\
\phantom{.}\ce{C^*}\phantom{}\\
\phantom{}/\phantom{..}|\phantom{..}\backslash\phantom{}\\
\phantom{..}\ce{I}\phantom{...}\ce{Br}\phantom{.}\ce{Cl}\phantom{.}
\end{array}\]

(c) \[\begin{array}{cc}
\ce{H}\\
|\\
\phantom{.}\ce{C^*}\phantom{}\\
\phantom{}/\phantom{..}|\phantom{..}\backslash\phantom{}\\
\phantom{..}\ce{HO}\phantom{..}\ce{C2H5}\phantom{}\ce{CH3}\phantom{}
\end{array}\]

(d) \[\begin{array}{cc}
\ce{H}\\
|\\
\phantom{.}\ce{C^*}\phantom{}\\
\phantom{}/\phantom{..}|\phantom{..}\backslash\phantom{}\\
\phantom{....}\ce{H}\phantom{..}\ce{C2H5}\phantom{}\ce{CH3}
\end{array}\]

पर्याय

  • (a), (b), (c), (d)

  • (a), (b), (c)

  • (b), (c), (d)

  • (a), (c), (d)

MCQ
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उत्तर

(a), (b), (c)

स्पष्टीकरण:

असममित/काइरल कार्बन परमाणु वह है जिसमें चार अलग-अलग समूहों या परमाणुओं के साथ इसकी सभी चार संयोजकताएँ होती हैं।

अणुओं (a), (b) और (c) में, सभी में असममित कार्बन होता है क्योंकि प्रत्येक कार्बन ने चार अलग-अलग समूहों या परमाणुओं के साथ सभी चार संयोजकताओं को संतुष्ट किया है।

अणु (d) में, दो कार्बन हाइड्रोजन परमाणु यानी समान परमाणु के साथ अपनी दो संयोजकता को संतुष्ट करता है। तो, यह एक असममित कार्बन परमाणु नहीं है।

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पाठ 10: हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन - अभ्यास [पृष्ठ १४४]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Chemistry [Hindi] Class 12
पाठ 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन
अभ्यास | Q I. 9. | पृष्ठ १४४

संबंधित प्रश्‍न

निम्नलिखित में से कौन-सी संरचना नीचे दिए अणु (A) का प्रतिबिंब रूप है?


सोडियम हाइड्रॉक्साइड के साथ C6H5CH2Br की अभिक्रिया ______ अग्रसारित होती है।


निम्न यौगिकों में से कौन-सा OH आयन द्वारा नाभिकरागी प्रतिस्थापन से रेसिमिक मिश्रण देगा।

(a) \[\begin{array}{cc}
\phantom{}\ce{CH3 - CH - Br}\\
\phantom{}|\\
\phantom{....}\ce{C2H5}\phantom{}
\end{array}\]

 

(b) \[\begin{array}{cc}
\phantom{..}\ce{Br}\\
\phantom{}|\\
\phantom{}\ce{CH3 - C - CH3}\\
\phantom{}|\\
\phantom{....}\ce{C2H5}\phantom{}
\end{array}\]

 

(c) \[\begin{array}{cc}
\ce{CH3 - CH - CH2Br}\\
|\phantom{.....}\\
\ce{C2H5}\phantom{..}
\end{array}\]


निम्नलिखित यौगिकों को नाभिकरागी प्रतिस्थापन अभिक्रिया में अभिक्रिया दर के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए।

(a)
(b)
(c)

निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन उपरोक्त अभिक्रिया के लिए सही हैं?

(i) अभिक्रिया SN2 क्रियाविधि का अनुसरण करती है।

(ii) (b) और (d) का विन्यास एक दूसरे के विपरीत है।

(iii) (b) और (d) का विन्यास समान है।

(iv) अभिक्रिया SN1 क्रियाविधि का अनुसरण करती है।


अभिक्रिया माध्यमिक के लिए निम्नलिखित में से कोन-से कथन सही हैं?

(i) माध्यमिक (c) अस्थायी है क्योंकि इसमें कार्बन पाँच परमाणुओं से जुड़ा है।

(ii) माध्यमिक (c) अस्थायी है क्योंकि इसमें कार्बन परमाणु sp2 संकरित है।

(iii) माध्यमिक (c) स्थायी है क्योंकि इसमें कार्बन परमाणु sp2 संकरित है।

(iv) माध्यमिक (c) अभिक्रियक (b) से कम स्थायी है।


एथिलीन क्लोराइड एवं एथिलिडीन क्लोराइड समावयव हैं। इनके विषय में सही कथन पहचानिए।

(i) ऐल्कोहॉली KOH से अभिक्रिया में दोनों यौगिक एक ही उत्पाद् बनाते हैं।

(ii) जलीय NaOH के साथ अभिक्रिया में दोनों यौगिक एक ही उत्पाद् बनाते हैं।

(iii) दोनों यौगिक अपचयन से एक ही उत्पाद् बनाते हैं।

(iv) दोनों यौगिक ध्रुवण घूर्णक हैं।


हैलोऐरीन, हैलोऐल्केन और हैलोऐल्कीन से कम क्रियाशील होती हैं। समीक्षा कीजिए।


C4H9Br अणुसूत्र के यौगिक ‘क’ को KOH के जलीय विलयन से अभिकृत किया गया। इस अभिक्रिया की दर केवल यौगिक 'क' की सांद्रता पर निर्भर करती है। जब इस यौगिक के दूसरे ध्रुवण घूर्णक समावयव ‘ख’ को KOH के जलीय विलयन से अभिकत किया गया तो अभिक्रिया दर यौगिक और KOH दोनों की सांद्रता पर निर्भय पाई गई।

  1. दोनों यौगिकों ‘क’ और ‘ख’ संरचना सूत्र लिखिए।
  2. इन दोनों यौगिकों में से कौन-सा प्रतीपित विन्यास के उत्पाद में परिवर्तित होगा।

ग्रीन्यार अभिकर्मक के उपयोग में लेशमात्र नमी भी न होना क्यों आवश्यक है?


ऐल्किल हैलाइडों में निराकरण अभिक्रियाएँ (विशेषकर β-निराकरण) उतनी ही सामान्य हैं जितनी प्रतिस्थापन अभिक्रियाएँ। दोनों के अभिकर्मकों का उल्लेख कीजिए।


हैलोएरीनों के C−X आबंध की प्रकृति की विवेचना कीजिए।


कॉलम I और कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए।

कॉलम I कॉलम II
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(ii) अग्निशामक में रसायन (b) जेम-डाइहैलाइड
(iii) ऐल्कीनों का ब्रोमीनन (c) रेसिमीकरण
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अभिकथन - KCN मेथिल क्लोराइड से अभिक्रिया करके मेथिल आइसोसायनाइड देता है।

तर्क - ​CN एक उभदंती नाभिकरागी है।


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तर्क - वुर्टज अभिक्रिया में ऐल्किल हैलाइड शुष्क ईथर में सोडियम से अभिक्रिया करते हैं और हैलाइड में उपस्थित कार्बन परमाणुओं की संख्या से दुगनी संख्या वाला हाइड्रोकार्बन बनाते हैं।


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क्षारों के साथ कुछ ऐल्किलहैलाइड प्रतिस्थापन अभिक्रियाएँ देते हैं जबकि कुछ निराकरण अभिक्रियाएँ। उदाहरणों की सहायता से ऐल्किल हैलाइडों के उन संरचनात्मक गुणों की विवेचना कीजिए जो इस अंतर का कारण हैं।


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