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हैलोऐरीन, हैलोऐल्केन और हैलोऐल्कीन से कम क्रियाशील होती हैं। समीक्षा कीजिए।

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प्रश्न

हैलोऐरीन, हैलोऐल्केन और हैलोऐल्कीन से कम क्रियाशील होती हैं। समीक्षा कीजिए।

टीपा लिहा
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उत्तर

हैलोऐरीन में हैलोजन परमाणु पर उपस्थित एकाकी इलेक्ट्रॉन युगल वलय के π-इलेक्ट्रॉनों के साथ संयुग्मन में होते हैं।

अनुनाद के कारण C-Cl आबंध में आंशिक द्विबंध के गुण आ जाते हैं। जिसके परिणामस्वरूप हैलोऐल्केन की तुलना में हैलोऐरीन में आबंध विदलन अपेक्षाकृत कठिन होता है। अत: ये नाभिकरागी प्रतिस्थापन अभिक्रियाओं के प्रति कम क्रियाशील होती हैं।

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पाठ 10: हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन - अभ्यास [पृष्ठ १५२]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Rasayan Vigyaan [Hindi] Class 12
पाठ 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन
अभ्यास | Q III. 48. | पृष्ठ १५२

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(a)
(b)
(c)

निम्नलिखित यौगिकों को नाभिकरागी प्रतिस्थापन अभिक्रिया में अभिक्रिया दर के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए।

(a)
(b)
(c)

उपरोक्त अभिक्रिया के लिए कौन-से कथन सही हैं?

(i) (a) और (e) दोनों नाभिकरागी हैं।

(ii) (c) में कार्बन परमाणु sp3 संकरित है।

(iii) (c) में कार्बन परमाणु sp2 संकरित है।

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(i) अभिक्रिया SN2 क्रियाविधि का अनुसरण करती है।

(ii) (b) और (d) का विन्यास एक दूसरे के विपरीत है।

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(iii) माध्यमिक (c) स्थायी है क्योंकि इसमें कार्बन परमाणु sp2 संकरित है।

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