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इस अभिक्रिया की क्रियाविधि के संबंध में कौन-से कथन सही हैं? (i) अभिक्रिया में कार्बधनायन (कार्बोकैटायन) माध्यमिक बनेगा। (ii) OH− क्रियाधर (b) पर एक ओर से जुड़ेगा और उसी समय Cl− इसे छोड़ेगा।

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प्रश्न

इस अभिक्रिया की क्रियाविधि के संबंध में कौन-से कथन सही हैं?

(i) अभिक्रिया में कार्बधनायन (कार्बोकैटायन) माध्यमिक बनेगा।

(ii) OHक्रियाधर (b) पर एक ओर से जुड़ेगा और उसी समय Cl इसे छोड़ेगा।

(iii) एक अस्थायी माध्यमिक बनेगा जिसमें OH और Cl दुर्बल आबंधों से जुड़े होंगे।

(iv) अभिक्रिया SN1 क्रियाविधि से बढ़ेगी।

टीपा लिहा
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उत्तर

(i) अभिक्रिया में कार्बधनायन (कार्बोकैटायन) माध्यमिक बनेगा।

(iv) अभिक्रिया SN1 क्रियाविधि से बढ़ेगी।

स्पष्टीकरण:

यह अभिक्रिया दो चरणों में संपन्न होती है। प्रथम चरण में ध्रुवीय C — Cl आबंध का धीमा विदलन एक कार्बोकैटायन तथा एक क्लोराइड आयन बनता है। द्वितीय चरण में इस प्रकार निर्मित कार्बोकैटायन पर नाभिकरागी के द्वारा आक्रमण होता है तथा प्रतिस्थापन अभिक्रिया पूर्ण होती है।

यह उल्लेखनीय है कि 2° हैलाइड या तो SN1 या SN2 प्रकार से आगे बढ़ सकता हैं।

रासायनिक अभिक्रिया अथवा रूपांतरण के समय एक असममित केंद्र के आबंधों के त्रिविम विन्यास की अखंडता बने रहने को विन्यास का धारण कहते हैं। इसलिए यह अभिक्रिया SN1 क्रियाविधि है।

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रासायनिक अभिक्रियाएँ
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पाठ 10: हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन - अभ्यास [पृष्ठ १५०]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Rasayan Vigyaan [Hindi] Class 12
पाठ 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन
अभ्यास | Q II. 35. | पृष्ठ १५०

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(a) \[\begin{array}{cc}
\phantom{}\ce{CH3 - CH - Br}\\
\phantom{}|\\
\phantom{....}\ce{C2H5}\phantom{}
\end{array}\]

 

(b) \[\begin{array}{cc}
\phantom{..}\ce{Br}\\
\phantom{}|\\
\phantom{}\ce{CH3 - C - CH3}\\
\phantom{}|\\
\phantom{....}\ce{C2H5}\phantom{}
\end{array}\]

 

(c) \[\begin{array}{cc}
\ce{CH3 - CH - CH2Br}\\
|\phantom{.....}\\
\ce{C2H5}\phantom{..}
\end{array}\]


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(a)
(b)
(c)

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(ii) (c) में कार्बन परमाणु sp3 संकरित है।

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(iv) (a) और (e) दोनों इलेक्ट्रॉनरागी हैं।


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(ii) (b) और (d) का विन्यास एक दूसरे के विपरीत है।

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