Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
महादेव भाई दिन में कितनी देर काम करते थे?
Advertisements
उत्तर
महादेव भाई दिन में 17-18 घंटे काम करते थे।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
लेखिका की अनुपस्थिति में गिल्लू प्रकृति के सान्निध्य में अपना जीवन किस प्रकार बिताता था?
लेखक ने किस तरह अत्यंत सूझ-बूझ से अपनी जिम्मेदारी का निर्वाह किया? ‘स्मृति’ पाठ के आलोक में स्पष्ट कीजिए। इससे आपको क्या सीख मिलती है?
लेखक ने त्रिपुरा के लोक संगीत का अनुभव कब और कैसे किया?
लेखक के घर कौन-कौन-सी पत्रिकाएँ आती थीं?
लेखक की माँ किस बात के लिए चिंतित थीं? उनकी यह चिंता कैसे दूर हुई?
लेखक पढ़ाई की व्यवस्था कैसे करता था? ‘मेरा छोटा-सा निजी पुस्तकालय’ पाठ के आधार पर लिखिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
उस स्त्री को देखकर लेखक को कैसा लगा?
‘दुख का अधिकार’ पाठ का उद्देश्य मानवीय संवेदना जगाना है।’ पाठ के आलोक में स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए −
चढ़ाई के समय एवरेस्ट की चोटी की स्थिति कैसी थी?
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए −
सीधे धरातल पर दरार पड़ने का विचार और इस दरार का गहरे-चौड़े हिम-विदर में बदल जाने का मात्र खयाल ही बहुत डरावना था। इससे भी ज़्यादा भयानक इस बात की जानकारी थी कि हमारे संपूर्ण प्रयास के दौरान हिमपात लगभग एक दर्जन आरोहियों और कुलियों को प्रतिदिन छूता रहेगा।
निम्नलिखित क्रिया विशेषणों का उचित प्रयोग करते हुए रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए −
उसने बहुत ______ इतनी तरक्की कर ली।
नरहरिभाई कौन थे?
रामधारी सिंह दिनकर का लेख-‘हिम्मत और जिंदगी’ पुस्तकालय से लेकर पढ़िए।
‘मन के हारे हार है, मन के जीते जीत’-इस विषय पर कक्षा में परिचर्चा आयोजित कीजिए।
लेखक अपने अतिथि को दिखाकर दो दिनों से कौन-सा कार्य कर रहा था और क्यों?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए −
रामन् के प्रारंभिक शोधकार्य को आधुनिक हठयोग क्यों कहा गया है?
रेखांकित शब्द के विलोम शब्द का प्रयोग करते हुए रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए −
आज बाज़ार में देशी और ______ दोनों प्रकार के खिलौने उपलब्ध हैं।
प्रयोगशाला में रामन् के काम करने की तुलना हठयोग से क्यों की गई है?
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए −
तुम्हारे मानने ही से मेरा ईश्वरत्व कायम नहीं रहेगा, दया करके, मनुष्यत्व को मानो, पशु बनना छोड़ो और आदमी बनो !
