मराठी
महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (मराठी माध्यम) इयत्ता ९ वी

निम्‍नलिखित मुहावरा, कहावत में गलत शब्‍द के स्‍थान पर सही शब्‍द लिखकर उन्हें पुनः लिखिए: अब पछताए होत क्‍या जब बंदर चुग गए खेत।

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प्रश्न

निम्‍नलिखित मुहावरा, कहावत में गलत शब्‍द के स्‍थान पर सही शब्‍द लिखकर उन्हें पुनः लिखिए:

अब पछताए होत क्‍या जब बंदर चुग गए खेत।

एका वाक्यात उत्तर
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उत्तर

अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत।

shaalaa.com
व्याकरण
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 2.1: गागर में सागर - स्वाध्याय [पृष्ठ २८]

APPEARS IN

बालभारती Hindi (Composite) Lokvani Standard 9 Maharashtra State Board
पाठ 2.1 गागर में सागर
स्वाध्याय | Q ७. | पृष्ठ २८

संबंधित प्रश्‍न

क्रिया का लिंग और वचन सामान्यतः कर्ता और कर्म के लिंग और वचन के अनुसार निर्धारित होता है। वाक्य में कर्ता और कर्म के लिंग, वचन और पुरुष के अनुसार जब क्रिया के लिंग, वचन आदि में परिवर्तन होता है तो उसे अन्विति कहते हैं।
क्रिया के लिंग, वचन में परिवर्तन तभी होता है जब कर्ता या कर्म परसर्ग रहित हों;
जैसे- सवार कारतूस माँग रहा था। (कर्ता के कारण)
सवार ने कारतूस माँगे। (कर्म के कारण)
कर्नल ने वज़ीर अली को नहीं पहचाना। (यहाँ क्रिया, कर्ता और कर्म किसी के भी कारण प्रभावित नहीं है)

अतः कर्ता और कर्म के परसर्ग सहित होने पर क्रिया कर्ता और कर्म से किसी के भी लिंग और वचन से प्रभावित नहीं होती और वह एकवचन पुल्लिंग में ही प्रयुक्त होती है। नीचे दिए गए वाक्यों में ‘ने’ लगाकर उन्हें दुबारा लिखिए-

  1. घोड़ा पानी पी रहा था।
  2. बच्चे दशहरे का मेला देखने गए।
  3. रॉबिनहुड गरीबों की मदद करता था।
  4. देशभर के लोग उसकी प्रशंसा कर रहे थे।

पाठों में आए अलग-अलग काल के वाक्‍य ढूँढ़कर उनका अन्य कालों में परिवर्तन करो।


निम्‍न शब्‍द के पर्यायवाची शब्‍द लिखिए:


निम्‍न वाक्‍यों में से सर्वनाम एवं क्रियाएँ छॉंटकर भेदों सहित लिखिए तथा पाठ्‌यपुस्‍तक से खोजकर नए अन्य वाक्‍य बनाइए:



निम्नलिखित मुहावरे/कहावत में से अनुपयुक्त शब्द काटकर उपयुक्त शब्द लिखिए:

नाक - की - किरकिरी - होना - ______ - ______ - ______ - ______


चित्र देखकर संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया इन शब्द के भेदों के आधार पर उचित वाक्य बनाओ और तालिका में शब्द लिखाे:

 

संज्ञा शब्द सर्वनाम शब्द विशेषण शब्द क्रिया शब्द
       
       
       

निम्नलिखित वाक्य पढ़ो तथा मोटे और अधोरेखित किये गए शब्दों पर ध्यान दो :

नागपुर से रायगढ़ की ओर गए।


पेड़ के पत्तों पर दिए गए वर्णों से संयुक्ताक्षरयुक्त शब्द बनाओ :

(आधे हाेकर, पाई हटाकर, हल लगाकर, ‘र’ के प्रकार )

(क, फ, ग, त, थ, घ, ष, व, द, म, ह, ठ, ड, ट, प, र)


नीचे दी गई संज्ञाओं का वाक्यों में प्रयोग करो।

१. पानी

२. भीड़

३. ईमानदारी

४. हाथी

५. भारत


निम्नलिखित कारकों का अपने वाक्यों में प्रयोग करो।

ने ______
को ______
से ______
को ______
से ______
का, की, के ______
में, पर ______
अरे! ______

मौन वाचन करो और आपस में श्रुतलेखन करो :

१. सेवा डॉक्टर का कर्तव्य है |

२. पौधे लगाओ, प्रदुषण हटाओ |

३. राष्ट्रीय संपदा, स्वच्छ रखें सर्वदा |

४. मक्खी, मच्छर भगाओ, रोग मिटाओ |

५. रक्तदान-जीवनदान, नेत्रदान-श्रेष्ट दान |

६. विश्वास रखो, अंधविश्वास नहीं |

७. बेईमानी ठुकराओ, ईमानदारी अपनाओ |

८. इंद्रधनुष के रंगों की तरह मिलकर रहो |


उचित विरामचिह्न लगाइए:-

दृश्य ३ रानी सिंहासन पर बैठी थी सेवक का प्रवेश


अशुद्ध शब्द को रेखांकित कर वाक्य शुद्ध करके लिखिए:-

कल मैंने उसका साथ करा था।


शब्‍द बनाइए, विग्रह कीजिए तथा विलोम शब्द लिखिए:-

विग्रह  शब्द  विलोम
उत् + नति   ×

निम्‍न वाक्‍य के उद्देश्य और विधेय पहचानकर लिखिए:-

गायन में शब्‍दों का महत्‍त्‍व बहुत थोड़ा होता है।


निर्देशानुसार संधि विच्छेद, संधि तथा उनका नामोल्लेख कीजिए:

संधि संधि विच्छेद संधि का प्रकार
निर्विघ्न ______ + ______  

निर्देशानुसार संधि विच्छेद, संधि तथा उनका नामोल्लेख कीजिए:

संधि संधि विच्छेद संधि का प्रकार
दुश्चक्र ______ + ______  

निर्देशानुसार संधि विच्छेद, संधि तथा उनका नामोल्लेख कीजिए:

संधि संधि विच्छेद संधि का प्रकार
______ निः + संतान  

पाठ्यपुस्‍तक की पहली इकाई के १ से ६ पाठों से भेदों सहित संज्ञाओं को ढूँढ़कर उनका वाक्‍यों में प्रयोग कीजिए।


परिच्छेद से समुच्च्यबोधक अव्यय ढूँढकर लिखिए।

           भारत में आकर हालात फिर वही थे। एवरेस्‍ट के लिए जितने पैसे आवश्यक थे उतने मेरे पास नहीं थे। आखिर मेरे पिता जी ने अपना घर गिरवी रखा। माँ और बहनों ने अपने गहने बेच दिए और जीजा जी ने ऋण ले लिया। सब कुछ दाँव पर लगाकर मैं एवरेस्‍ट चढ़ाई के लिए निकल पड़ा।

           काठमांडू से एवरेस्‍ट जाते समय ‘नामचे बाजार’ से एवरेस्‍ट शिखर का प्रथम दर्शन हुए। मैंने पुणे की टीम ‘सागरमाथा गिर्यारोहण संस्‍था’ के साथ इस मुहीम पर था। बहुत जल्‍द हमने १९००० फीट पर स्‍थित माउंट आयलैड शिखर पर चढ़ाई की। इसके बाद हम एवरेस्‍ट बेसकैंप में पहुँचे। चढ़ाई के पहले पड़ाव पर सागरमाथा संस्‍था के अध्यक्ष रमेश गुळवे जी को पक्षाघात का दौरा पड़ा। उन्हें वैद्यकीय उपचार के लिए काठमांडू से पूना ले गए किंतु उनका देहांत हो गया। मैं और मेरे सााथियों पर मानो दुख का एवरेस्‍ट ही टूट पड़ा। फिर भी हमने आगे बढ़ने का निर्णय लिया।


कुछ भाषाओं के शब्द किसी भी अन्य भाषा से मित्रता कर लेते हैं और उन्हीं में से एक बन जाते हैं। अंग्रेजी भाषा के कई शब्द जिस किसी प्रदेश में गए, वहॉं की भाषाओं में घुलमिल गए। जैसे- ‘बस, रेल, कार, रेडियो, स्टेशन’ आदि। कहा जाता है कि तमिळ भाषा के शब्द केवल अपने परिवार द्रविड़ परिवार तक ही सीमित रहते हैं। वे किसी से घुलना, मिलना नहीं चाहते। अलबत्ता हिंदी के शब्द मिलनसार हैं परंतु सब नहीं; कुछ शब्द तो अंत तक अपना स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रखते हैं। अपने मूल रूप में ही वे अन्य स्थानों पर जाते हैं। कुछ शब्द अन्य भाषा के साथ इस प्रकार जुड़ जाते हैं कि उनका स्वतंत्र रूप खत्म-सा हो जाता है।

हिंदी में कुछ शब्‍द ऐसे भी पाए जाते हैं जो दो भिन्न भाषाओं के शब्‍दों के मेल से बने हैं। अब वे शब्‍द हिंदी के ही बन गए हैं। जैसे- हिंदी-संस्‍कृत से वर्षगाँठ, माँगपत्र; हिंदी-अरबी/फारसी से थानेदार, किताबघर; अंग्रेजी-संस्‍कृत से रेलयात्री, रेडियोतरंग; अरबी/फारसी-अंग्रेजी से बीमा पाॅलिसी आदि। इन शब्‍दों से हिंदी का भी शब्द संसार समृद्ध हुआ है। कुछ शब्द अपनी मॉं के इतने लाड़ले होते हैं कि वे मॉं-मातृभाषा को छोड़कर औरों के साथ जाते ही नहीं। कुछ शब्द बड़े बिंदास होते हैं, वे किसी भी भाषा में जाकर अपने लिए जगह बना ही लेते हैं।

शब्दों के इस प्रकार बाहर जाने और अन्य अनेक भाषाओं के शब्दों के आने से हमारी भाषा समृद्ध होती है। विशेषतः वे शब्द जिनके लिए हमारे पास प्रतिशब्द नहीं होते। ऐसे हजारों शब्द जो अंग्रेजी, पुर्तगाली, अरबी, फारसी से आए हैं; उन्हें आने दीजिए। जैसे- ब्रश, रेल, पेंसिल, रेडियो, कार, स्कूटर, स्टेशन आदि परंतु जिन शब्दों के लिए हमारे पास सुंदर शब्द हैं, उनके लिए अन्य भाषाओं के शब्दों का उपयोग नहीं होना चाहिए। हमारे पास ‘मॉं’ के लिए, पिता के लिए सुंदर शब्द हैं, जैसे- माई, अम्मा, बाबा, अक्का, अण्णा, दादा, बापू आदि। अब उन्हें छोड़ मम्मी-डैडी कहना अपनी भाषा के सुंदर शब्दों को अपमानित करना है।

हमारे मुख से उच्चरित शब्द हमारे चरित्र, बुद्‌धिमत्ता, समझ और संस्कारों को दर्शाते हैं इसलिए शब्दों के उच्चारण के पूर्व हमें सोचना चाहिए। कम-से-कम शब्दों में अर्थपूर्ण बोलना और लिखना एक कला है। यह कला विविध पुस्तकों के वाचन से, परिश्रम से साध्य हो सकती है। मात्र एक गलत शब्द के उच्चारण से वर्षों की दोस्ती में दरार पड़ सकती हैं। अब किस समय, किसके सामने, किस प्रकार के शब्दों का प्रयोग करना चाहिए इसे अनुभव, मार्गदर्शन, वाचन और संस्कारों द्वारा ही सीखा जा सकता है। सुंदर, उपयुक्त और अर्थमय शब्दों से जो वाक्य परीक्षा में लिखे जाते हैं उस कारण ही अच्छी श्रेणी प्राप्त होती है। अनाप-शनाप शब्दों का प्रयोग हमेशा हानिकारक होता है।

प्रत्येक व्यक्ति के पास स्वयं की शब्द संपदा होती है। इस शब्द संपदा को बढ़ाने के लिए साहित्य के वाचन की जरूरत होती है। शब्दों के विभिन्न अर्थों को जानने के लिए शब्दकोश की भी जरूरत होती है। शब्दकोश का एक पन्ना रोज एकाग्रता से पढ़ोगे तो शब्द संपदा की शक्ति का पता चल जाएगा।

तो अब तय करो कि अपनी शब्द संपदा बढ़ानी है। इसके लिए वाचन-संस्कृति को बढ़ाओ। पढ़ना शुरू करो। तुम भी शब्द संपदा के मालिक हो जाओगे।

उपर्युक्‍त अंश से पंद्रह शब्‍द ढूँढ़िए उनमें प्रत्‍यय लगाकर शब्‍दों को पुनः लिखिए।


‘शिक्षक दिवस’ पर उत्कृष्ट कार्य हेतु विद्यालय द्वारा शिक्षक को सम्‍मानपत्र देकर उनका अभिनंदन किया जा रहा है। इस सम्‍मानपत्र से अव्यय ढूँढ़कर उनसे अन्य वाक्‍य बनाइए:-

सम्‍मानपत्र

श्री/श्रीमती. ______
विद्यालय का नाम:______
पता:- ______
सम्‍माननीय,

आज डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के जन्म दिन ‘शिक्षक दिवस’ पर आयोजित अभिनंदन समारोह में हम आपको अपने बीच पाकर हर्षित व गौरवान्वित हैं।

आपके मार्गदर्शन में प्राप्त उपलब्धियों पर संपूर्ण विद्यालय, परिवेश व समाज को गर्व है। आपने न केवल विद्यार्थियों की बहुमुखी प्रतिभा और असाधारण योग्यता को उभारा वरन प्रेणाप्रद सफलता भी दिलवाई। आपके इस कार्य तथा आपके अन्य अति विशिष्ट कार्यों के लिए विद्यालय आप का अभिनंदन करते हुए गर्व का अनुभव करता। आपके सहयोग से विद्यालय का विकास अक्षुण्ण होता रहा है।

हे! गुरुवर्य, आप सदैव स्वस्थ-संपन्न रहें एवं दीर्घायु हों, ऐसी हम सबकी आत्मिक कामना है। अनंत हार्दिक शुभकामनाओं सहित ...

दिनांक:- ५ सितंबर २०१७

शिक्षक दिवस
स्थान:- विद्यालय सभागार
समय:- प्रातः १०ः३० बजे

विद्यालय प्रमुख
क, ख, ग

निर्देशानुसार अव्यय परिवर्तित करके लिखिए:-

क्र.  अव्यय भेद  अव्यय शब्‍द  अन्य वाक्‍य
1. क्रिया विशेषण    
2. संबंध बोध    
3. समुच्चय बोधक    
4. विस्‍मयादि बोधक वाचक    

कविता के दूसरे चरण का भावार्थ लिखिए।


निम्‍नलिखित मुहावरा, कहावत में गलत शब्‍द के स्‍थान पर सही शब्‍द लिखकर उन्हें पुनः लिखिए:

अदरक क्‍या जाने बंदर का स्‍वाद।


निम्‍नलिखित मुहावरा, कहावत में गलत शब्‍द के स्‍थान पर सही शब्‍द लिखकर उन्हें पुनः लिखिए:

कमर का हार


निम्‍नलिखित मुहावरा, कहावत में गलत शब्‍द के स्‍थान पर सही शब्‍द लिखकर उन्हें पुनः लिखिए:

नाक की किरकिरी होना


निम्‍नलिखित मुहावरा, कहावत में गलत शब्‍द के स्‍थान पर सही शब्‍द लिखकर उन्हें पुनः लिखिए:

गेहूँ गीला होना


रचना की दृष्टि से वाक्य पहचानकर अन्य एक वाक्य लिखिए: 


निम्नलिखित मुहावरे के सही अर्थ का चयन कीजिए।

पाँचो अंगुलियाँ घी में होना


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