Advertisements
Advertisements
प्रश्न
नीचे कविता में से पंक्ति दी गई हैं। कविता की अगली पंक्ति स्वयं बनाओ। ध्यान रखो, कविता में से देखकर नहीं लिखना।
| नमूना → | ज़ोर - ज़ोर से गरज रहे है। |
| तड़ तड़ तड़ तड़ बरस रहे है। |
किसने फोड़ घड़े बादल के
Advertisements
उत्तर
किसने फोड़ घड़े बादल के
बिखेर दिया है, जल सारा।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
बहुविकल्पी प्रश्न
इस कविता के रचयिता कौन हैं?
कविता में कालकूट फणि की चिंतामणि शब्दों का अर्थ क्या है?
अपने आस-पास पता करके ऐसे किसी व्यक्ति से बात करो जिसने कोई पेड़ या पौधा लगाया है। उससे पूछकर निम्नलिखित जानकारी प्राप्त करो-
- पेड़/पौधे का नाम
- कब लगाया था?
- देखभाल की या नहीं?
- क्या वह पेड़/पौधा अब भी मौजूद है?
सही शब्द चुनकर वाक्य पूरा करो
________ फोड़ घड़े बादल के की है इतनी शैतानी।
बताओ तुम ये काम कैसे करोगे? शिक्षक से भी सहायता लो।
जनता को एक करना
बताओ तुम ये काम कैसे करोगे? शिक्षक से भी सहायता लो।
नया इंसान बनाना
कठपुतली को अपने पाँवों पर खड़ी होने की इच्छा है, लेकिन वह क्यों नहीं खड़ी होती?
बहुविकल्पी प्रश्न
चिलम के रूप में किसका चित्रण किया गया है?
बहुविकल्पी प्रश्न
कौन-सी अँगीठी दहक रही है?
बहुविकल्पी प्रश्न
सज्जन संपत्ति क्यों जमा करते हैं?
‘जल को मछलियों से कोई प्रेम नहीं होता’ इसका क्या प्रमाण है?
रहीम ने क्वार मास के बादलों को कैसा बताया है?
नीचे दी गई पंक्तियों को ध्यान से पढ़िए-
ऐंठ बेचारी दबे पाँवों भगी,
तब ‘समझ’ ने यों मुझे ताने दिए।
• इन पंक्तियों में ऐंठ’ और ‘समझ’ शब्दों का प्रयोग सजीव प्राणी की भाँति हुआ है। कल्पना कीजिए, यदि ‘ऐंठ’ और ‘समझ’ किसी नाटक में दो पात्र होते तो उनको अभिनय कैसा होता?
स्वाधीनता संग्राम के दिनों में अनेक कवियों ने स्वाधीनता को मुखर करने वाली ओजपूर्ण कविताएँ लिखीं। माखनलाल चतुर्वेदी, मैथिलीशरण गुप्त और सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की ऐसी कविताओं की चार-चार पंक्तियाँ इकट्ठा कीजिए जिनमें स्वाधीनता के भावे ओज से मुखर हुए हैं।
कवि छत की मुंडेर पर किस भाव में खड़ा था?
तिनके से कवि की क्या हालत हो गई?
मीरा भक्तिकाल की प्रसिद्ध कवयित्री थीं। इस काल के दूसरे कवियों के नामों की सूची बनाइए तथा उनकी एक-एक रचना का नाम लिखिए।
मीरा बाई ने सुबह का चित्र खींचा है। अपनी कल्पना और अनुमान से लिखिए कि नीचे दिए गए स्थानों की सुबह कैसी होती है
(क) गाँव, गली या मुहल्ले में,
(ख) रेलवे प्लेटफ़ॉर्म पर
(ग) नदी या समुद्र के किनारे
(घ) पहाड़ों पर।
