मराठी

नैलॉर्फ़ीन (C19H21NO3) जो कि मॉर्फीन जैसी होती है, का उपयोग स्वापक उपभोक्ताओं द्वारा स्वापक छोड़ने से उत्पन्न लक्षणों को दूर करने में किया जाता है। सामान्यतया नैलॉर्फ़ीन की 1.5 mg खुराक

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

नैलॉर्फ़ीन (C19H21NO3) जो कि मॉर्फीन जैसी होती है, का उपयोग स्वापक उपभोक्ताओं द्वारा स्वापक छोड़ने से उत्पन्न लक्षणों को दूर करने में किया जाता है। सामान्यतया नैलॉर्फ़ीन की 1.5 mg खुराक दी जाती है। उपर्युक्त खुराक के लिए 1.5 × 10−3 m जलीय विलयन का कितना द्रव्यमान आवश्यक होगा?

संख्यात्मक
Advertisements

उत्तर

दिया गया है, m = 1.5 × 10−3

नैलॉर्फ़ीन (C19H21NO3) का मोलर द्रव्यमान इस प्रकार दिया गया है;

19 × 12 + 21 × 1 + 1 × 14 + 3 × 16

= 311 g mol1

नैलॉर्फ़ीन के 1.5 × 10−3 m जलीय विलयन में,

1 kg (1000 g) जल में 1.5 × 10−3 m = 1.5 × 10−3 × 311 g

= 0.467 g

= 467 mg

इसलिए, विलयन का कुल द्रव्यमान = (1000 + 0.467) g

= 1000.467 g

इस प्रकार, 467 mg नैलॉर्फ़ीन के लिए आवश्यक विलेय = 1000.467 g

इसलिए, 1.5 mg नैलॉर्फ़ीन युक्त विलेय का द्रव्यमान

= `1000.467/467 xx 1.5`

= 3.21 g

अतः आवश्यक जलीय विलयन का द्रव्यमान 3.21 g है।

shaalaa.com
विलयनों की सांद्रता को व्यक्त करना
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 1: विलयन - अभ्यास [पृष्ठ २९]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Rasayan bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 12
पाठ 1 विलयन
अभ्यास | Q 1.29 | पृष्ठ २९

संबंधित प्रश्‍न

एक विलयन में बेन्जीन का 30 द्रव्यमान % कार्बन टेट्राक्लोराइड में घुला हुआ हो तो बेन्जीन के मोल-अंश की गणना कीजिए।


यूरिया (NH2CONH2) के 0.25 मोलर, 2.5 kg जलीय विलयन को बनने के लिए आवश्यक यूरिया के द्रव्यमान की गणना कीजिए।


निम्न पद को परिभाषित कीजिए –

मोल-अंश


निम्न पद को परिभाषित कीजिए –

द्रव्यमान प्रतिशत


प्रयोगशाला कार्य के लिए प्रयोग में लाया जाने वाला सांद्र नाइट्रिक अम्ल द्रव्यमान की दृष्टि से नाइट्रिक अम्ल का 68% जलीय विलयन है। यदि इस विलयन का घनत्व 1.504 g mL−1 हो तो अम्ल के इस नमूने की मोलरता क्या होगी?


ग्लूकोस का एक जलीय विलयन 10% (w/w) है। विलयन की मोललता तथा विलयन में प्रत्येक घटक का मोल-अंश क्या है? यदि विलयन का घनत्व 1.2 g mL−1 हो तो विलयन की मोलरता क्या होगी?


द्रव्यमान की दृष्टि से 25% विलयन के 300 g एवं 40% के 400 g को आपस में मिलाने पर प्राप्त मिश्रण का द्रव्यमान प्रतिशत सांद्रण निकालिए।


222.6 g, एथिलीन ग्लाइकॉल, C2H4(OH)2 तथा 200 g जल को मिलाकर प्रतिहिम मिश्रण बनाया गया। विलयन की मोललता की गणना कीजिए। यदि विलयन का घनत्व 1.072 g mL−1 हो तो विलयन की मोलरता निकालिए।


यदि किसी झील के जल का घनत्व 1.25 g mL−1 है तथा उसमें 92 g Na+ आयन प्रति किलो जल में उपस्थित हैं, तो झील में Na+ आयन की मोललता ज्ञात कीजिए।


किसी विलयन की सांद्रता को व्यक्त करने के लिए निम्नलिखित पद को परिभाषित कीजिए। इसमें कौन-सा तरीका ताप पर निर्भर नहीं करता है तथा क्यों?

M (मोलरता)


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×