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प्रश्न
"मैंने सोचा मम्मी तो रोज़ मुझे चाय-नाश्ता कराती है, आज मैं घर जल्दी पहुँचकर उसे चाय बनाकर पिलाऊँ।"
ऊपर के वाक्य को पढ़ो और बताओ कि–
(क) क्या तुम चाय बनाना जानते हो? और क्या-क्या बनाना जानते हो?
(ख) अगर तुम अपने खाने-पीने की कोई भी चीज़ बनाना नहीं जानते तो तुम्हें जो चीज़ सबसे अधिक पसंद हो, उसको बनाना सीखो और उसकी विधि को लिखकर बताओ।
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उत्तर
(क) हाँ मैं चाय बनाना जानता हूँ। मैगी भी बना सकता हूँ।
(ख) मुझे मैगी बहुत पसंद है। उसे बनाने के लिए पानी उबलने के लिए रखें। जब पानी उबल जाए तो उसमें पैकेट में से मैगी मसाला डालें। फिर मैगी डाले और दो मिनट तक उबालें। उबल जाने पर उतार दें। फिर गरम-गरम परोसें।
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नीचे लिखे वाक्य को अपने ढंग से सार्थक रूप में तुम जिस तरह भी लिख सकते हो वैसे लिखो।
वर्षा बरसाना तुम्हारे हाथ में नहीं है।
नीचे लिखे वाक्य को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दो।
"मैंने कहा था न कि रिहर्सल में भी यह मानकर चलो कि दर्शक सामने ही बैठे हैं।"
राकेश ने ऐसा क्यों कहा होगा?
कहानी में से चुनकर कुछ संवाद नीचे दिए गए हैं। उन संवादों को अभिनय के साथ बोलकर दिखाओ।
(क) चित्रकार महोदय हाथ में कूची पकड़े-आँखें नचा-नचाकर, मटक-मटककर बोल रहे थे, "अरे चमगादड़, तुझे क्या खाक शायरी करना आता है। ज़बरदस्ती ही तुझे यह पार्ट दे दिया। तूने सारा गड़बड़ कर दिया।"
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(घ) चित्रकार महोदय ने हाथ उठाकर कहा, "देख, मुँह सँभालकर बोल।"
कहानी में चित्रकार बना मोहन, शायर बना सोहन और संगीतकार बना श्याम अपनी-अपनी कला को महान बताने के साथ एक-दूसरे को छोटा-बड़ा बताने वाले संवादों को बोलकर झगड़े की समस्या को बढ़ावा देते दिख रहे हैं। तुम उन संवादों को गौर से पढ़ो और उसे इस तरह बदलकर दिखाओ कि आपसी झगड़े की समस्या का समाधान हो जाए। चलो शुरुआत हम कर देते हैं; जैसे–'चित्रकार कहता है उसकी कला महान' के बदले अगर चित्रकार कहे कि 'हम सबकी कला महान' तो झगड़े की शायद शुरूआत ही न हो। अब तुम यह बताओ कि -
(क) संगीतकार को क्या कहना चाहिए?
(ख) शायर को क्या कहना चाहिए?
(ग) तुम यह भी बताओ कि इन सभी कलाकारों को तुम्हारे अनुसार वह संवाद क्यों कहना चाहिए?
सागर के यात्रियों को पानी के कारण बहुत परेशानी होती थी। बताओ -
(क) उन्हें पानी के कारण क्या-क्या परेशानियाँ हुई?
(ख) क्या तुम्हारे आसपास भी पानी की समस्या होती है, उसके बारे में बताओ।
(ग) उस समस्या का समाधान कैसे किया जा सकता है?
आदिवासियों के साथ मन-मर्जी नहीं की जा सकती। उसके पास कई मन गेहूँ था।
ऊपर के पहले वाक्य में 'मन' का मतलब है –दिल, हृदय।
दूसरे वाक्य में 'मन' नाप-तौल का एक शब्द है। इस तरह मन के दो अर्थ हैं। ऐसे शब्दों को अनेकार्थक शब्द कहते हैं। नीचे दिए गए शब्दों को पढ़ो और वाक्य बनाओ।
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सोना |
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सो जाना (नींद) |
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उत्तर |
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एक दिशा |
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हार |
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पराजय, हार जाना |
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