Advertisements
Advertisements
प्रश्न
पृष्ठ संख्या 34 पर कहा गया है कि जातकों में सौदागरों की समुद्री यात्राओं/यातायात के हवाले भरे हुए हैं। विश्व/भारत के मानचित्र में उन स्थानों/रास्तों को खोजिए जिनकी चर्चा इस पृष्ठ पर की गई है।
Advertisements
उत्तर
छात्र स्वयं करें।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
"सार्वजनिक काम राजा की मर्ज़ी के मोहताज़ नहीं होते, उसे खुद हमेशा इनके लिए तैयार रहना चाहिए।" ऐसे कौन-कौन से सार्वजनिक कार्य हैं जिन्हें आप बिना किसी हिचकिचाहट के करने को तैयार हो जाते हैं?
ब्रिटिश शासन के दौर के लिए कहा गया कि-"नया पूँजीवाद सारे विश्व में जो बाज़ार तैयार कर रहा था उससे हर सूरत में भारत के आर्थिक ढाँचे पर प्रभाव पड़ना ही था" क्या आपको लगता है कि अब भी नया पूँजीवाद पूरे विश्व में जो बाज़ार तैयार कर रहा है, उससे भारत के आर्थिक ढ़ाँचे पर प्रभाव पड़ रहा है? कैसे?
सलमा ने ऐसा क्यों कहा कि मैं तो अब जीना चाहती हूँ?
क्या होता अगर
गोमा खेतों को तैयार न करता?
इस पत्र में लेखक ने अलग-अलग तरह के पेड़-पौधों का ज़िक्र किया है। पता लगाओ, वे कौन से पेड़-पौधे हो सकते हैं। इस काम के लिए तुम अपने अध्यापकों, अपने साथियों, पुस्तकालय या अन्य साधनों की भी सहायता ले सकते हो।
| संकेत | नाम | |
| (क) जिसे नए साल पर लगाते/सजाते हैं | |
__________ |
|
(ख) सफ़ेद कुमुदनी जैसा नीला-बैंगनी फूल |
|
__________ |
|
(ग) सफ़ेद कुमुदनी जैसा नीला-बैंगनी फूल |
![]() |
गुलाब, सूरजमुखी, कनेर |
तुमने इस पाठ में गुड़ियाघर के बारे में पढ़ा। पता करो कि 'चिड़ियाघर', 'सिनेमाघर' और 'किताबघर' कौन और क्यों बनवाता है? तुम इनमें से अपनी पसंद के किसी एक घर के बारे में बताओ जहाँ तुम्हें जाना बेहद पसंद हो।
सागर यात्रा में नौका को सँभालने के लिए हर समय एक व्यक्ति की ज़रूरत थी। क्यों?
"लोगों की बंदूकों के कारतूस खत्म हो गए।"
ऊपर का यह वाक्य इसी पाठ का है जिसमें आदिवासियों के द्वारा बंदूकों व कारतूसों के प्रयोग का भी प्रमाण मिलता है। इस पाठ की खोज़बीन करो तो पाओगे कि आदिवासी "पुलिस चौकियों या सेना पर हमला कर देते थे और उनके अस्त्र-शस्त्र लूटकर भाग जाते थे।" अब तुम ज़रूर समझ गए होगे कि आदिवासियों ने बंदूकों व कारतूसों का प्रयोग कैसे किया। 'कारतूसों' ने सन् 1857 में स्वतंत्रता की चिंगारी को फैलाने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। समूह बनाकर इसके बारे में खोज़बीन करो। कक्षा के प्रत्येक समूह में से एक प्रतिनिधि सबको अपनी खोज़बीन के बारे में बताएगा।
नीचे लिखे वाक्य में मुहावरे का प्रयोग किया गया है। इस मुहावरे का प्रयोग करते हुए तुम कुछ नए वाक्य बनाओ।
अंग्रेज़ों ने अपने दांतों तले उँगली दबा ली।
भाववाचक संज्ञा से विशेषण बनाओ।
|
घमंड |
घमंडी |
|
हिम्मत |
____________ |
|
साहस |
____________ |
|
स्वार्थ |
____________ |
|
अत्याचार |
____________ |
|
विद्रोह |
____________ |
अपने जीवन की किसी ऐसी घटना के बारे में बताओ–
-
जब तुम्हारी आँखों में आँसू आए हों।
-
जब तुम अपना दुख-दर्द भूल गए हो।
अगर नरेंद्र अजय की यह बात मान लेता कि इस आदमी से लाली पॉप लेना बिल्कुल ठीक नहीं?
“मैंने उस कंपनी के हिस्सेदार की तरफ़ पहली बार श्रद्धाभाव से देखा”
लेखक के मन में हिस्सेदार साहब के लिए श्रद्धा क्यों जग गई?
सविनय अवज्ञा का उपयोग व्यंग्यकार ने किस रूप में किया है? लिखिए।
बस, वश, बस तीन शब्द हैं-इनमें बस सवारी के अर्थ में, वश अधीनता के अर्थ में, और बस पर्याप्त (काफी) के अर्थ में प्रयुक्त होता है, जैसे-बस से चलना होगा। मेरे वश में नहीं है। अब बस करो।
- उपर्युक्त वाक्य के समान तीनों शब्दों से युक्त आप भी दो-दो वाक्य बनाइए।
''या आपा को डारि दे, दया करै सब कोय।''
''ऐसी बानी बोलिए मन का आपा खोय।''
इन दोनों पंक्तियों में 'आपा' को छोड़ देने या खो देने की बात की गई है। 'आपा' किस अर्थ में प्रयुक्त हुआ है? क्या 'आपा' स्वार्थ के निकट का अर्थ देता है या घमंड का?
मूक सिनेमा में संवाद नहीं होते, उसमें दैहिक अभिनय की प्रधानता होती है। पर, जब सिनेमा बोलने लगा उसमें अनेक परिवर्तन हुए। उन परिवर्तनों को अभिनेता, दर्शक और कुछ तकनीकी दृष्टि से पाठ का आधार लेकर खोजें, साथ ही अपनी कल्पना का भी सहयोग लें।
''...उन जंजीरों को तोड़ने का जिनमें वे जकड़े हुए हैं, कोई-न-कोई तरीका लोग निकाल ही लेते हैं...''
आपके विचार से लेखक 'जंजीरों' द्वारा किन समस्याओं की ओर इशारा कर रहा है?
नीचे लिखे वाक्य को पढ़कर प्रश्न के उत्तर दो।
“राकेश को गुस्सा भी आ रहा था और रोना भी।”
तुम्हारे विचार से राकेश को गुस्सा और रोना क्यों आ रहा होगा?
नीचे लिखे वाक्य को पढ़कर प्रश्न के उत्तर दो।
“दर्शक सब शांत थे, भौंचक्के थे।”
दर्शक भौंचक्के क्यों हो गए थे?


