मराठी

"लोगों से माँगकर खा लेते थे और पूजा-पाठ की भावना जाग्रत करते थे।" -रचना के आधार पर वाक्य-भेद है। - Hindi Course - B

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

"लोगों से माँगकर खा लेते थे और पूजा-पाठ की भावना जाग्रत करते थे।" -रचना के आधार पर वाक्य-भेद है।

पर्याय

  • सरल वाक्य

  • मिश्र वाक्य

  • संयुक्त वाक्य

  • सामान्य वाक्य

MCQ
व्याकरण
Advertisements

उत्तर

संयुक्त वाक्य

shaalaa.com
वाक्‍य के भेद
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
2023-2024 (March) Official

संबंधित प्रश्‍न

रचना के आधार पर निम्न वाक्यों के भेद पहचानिए :

यह वह समय था जब भारत में अकबर की तूती बोलती थी।


रचना के आधार पर निम्न वाक्यों के भेद पहचानिए :

आप यहीं प्रतीक्षा कीजिए।


रचना के आधार पर वाक्‍य के भेद पहचानकर लिखिए:

वह बूढ़ी काकी पर झपटी और उन्हें दोनों हाथों से झटककर बोली।


ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्‍तर निम्‍न शब्‍द हों।

श्रम की साधना


अर्थ के आधार पर निम्‍न वाक्‍य के भेद लिखिए : 

सैकड़ों मनुष्‍यों ने भोजन किया।


अर्थ के आधार पर निम्‍न वाक्‍य के भेद लिखिए : 

हाय ! कितनी निर्दयी हूँ मैं।


अर्थ के आधार पर निम्‍न वाक्‍य के भेद लिखिए : 

काकी उठो, भोजन कर लो।


रचना के आधार पर वाक्‍य के भेद पहचानकर कोष्‍ठक में लिखिए :

अभी समाज में यह चल रहा है क्‍योंकि लोग अपनी आजीविका शरीर श्रम से चलाते हैं (______)


ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्‍तर निम्‍न शब्‍द हों :

चतुरता


'न तो तुम वहाँ जा सके, न ही मैं।' इसका सरल वाक्य होगा-


निम्नलिखित वाक्य का अर्थ के आधार पर दी गई सूचनानुसार परिवर्तन कीजिए:

बच्चा ‘अम्मा’ कहकर झपटता है। (प्रश्नार्थधक वाक्य)


सूचना के अनुसार वाक्य का परिवर्तन कीजिए।

मेरी टाँग टूटना एक दुर्घटना थी। (प्रश्नवाचक)


निम्नलिखित वाक्य का रचना के आधार पर भेद पहचानकर लिखिए:

यदि भगवान ने चाहा तो सेठानी सात दिन में ठीक हो जाएगी। 


निम्नलिखित में मिश्र वाक्य है:


'मैं लताड़ सुनकर आँसू बहाने लगता।' - इसका संयुक्त वाक्य बनेगा -


“जैसे ही वामीरो घर पहुँची भीतर ही भीतर बेचैनी महसूस करने लगी।" - रचना की दृष्टि से यह वाक्य है -


'चार बजकर चौबीस मिनट पर सुभाष बाबू जुलूस लेकर आए।' इस वाक्य का मिश्र वाक्य में रूपांतरित वाक्य कौन-सा है?


निम्नलिखित कथनों में सही कथन है -


“हरिहर काका के प्रति मेरी आसक्ति के अनेक व्यावहारिक और वैचारिक कारण हैं।" रचना की दृष्टि से वाक्य का यह कौन-सा भेद है?


“जब अगले वर्ष भी उसे नवें दर्ज़े में ही बैठना पड़ा तो वह बिल्कुल हताश हो गया।” इस वाक्य का रचना के आधार पर वाक्य-भेद बताइए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×