Advertisements
Advertisements
प्रश्न
लेखक को पुरस्कार स्वरूप मिली दोनों पुस्तकों का कथ्य क्या था? ‘मेरा छोटा-सा निजी पुस्तकालय’ के आधार पर लिखिए।
Advertisements
उत्तर
लेखक को पुरस्कार स्वरूप जो दो पुस्तकें मिली थीं, उनमें से एक का कथ्य था दो छोटे बच्चों का घोंसलों की खोज में बागों और कुंजों में भटकना और इसी बहाने पक्षियों की बोली, जातियों और आदतों को जानना तथा दूसरी पुस्तक का कथ्य था-पानी के जहाज़ों से जुड़ी जानकारी एवं नाविकों की जानकारी व शार्क-ह्वेल के बारे में ज्ञान कराना।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
लेखिका को अकस्मात किस छोटे जीव का स्मरण हो आया और कैसे?
मक्खनपुर पढ़ने जाने वाली बच्चों की टोली रास्ते में पड़ने वाले कुएँ में ढेला क्यों फेंकती थी?
साँप का ध्यान बँटाने के लिए लेखक ने क्या-क्या युक्तियाँ अपनाईं?
डाकखाने में पत्र डालने जाते समय लेखक ने क्या-क्या तैयारियाँ कीं और क्यों?
लेखक को अपने डंडे से इतना मोह क्यों था?
'आज से यह खाना तुम्हारी अपनी किताबों का। यह तुम्हारी लाइब्रेरी है' − पिता के इस कथन से लेखक को क्या प्रेरणा मिली?
'काश मैं आपके मुल्क में आकर यह सब अपनी आँखों से देख सकता।' हामिद ने ऐसा क्यों कहा?
पटेल और गांधी जी जैसे नेताओं ने देश के लिए अपना चैन तक त्याग दिया था। आप अपने देश के लिए क्या करना चाहेंगे?
रास की जनसभा में गांधी जी ने लोगों को किस तरह स्वतंत्रता के प्रति सचेत किया?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए:
भगवाना अपने परिवार का निर्वाह कैसे करता था?
निम्नांकित शब्द-समूहों को पढ़ो और समझो
- कङ्घा, पतङ्ग, चञ्चल, ठण्डा, सम्बन्ध।
- कंघा, पतंग, चंचल, ठंडा, संबंध।
- अक्षुण्ण, सम्मिलित, दुअन्नी, चवन्नी, अन्न।
- संशय, संसद्, संरचना, संवाद, संहार।
- अँधेरा, बाँट, मुँह, ईंट, महिलाएँ, में, मैं।
ध्यान दो कि ङ, ज्, ण, न् और म् ये पाँचों पंचमाक्षर कहलाते हैं। इनके लिखने की विधियाँ तुमने ऊपर देखीं-इसी रूप में या अनुस्वार के रूप में। इन्हें दोनों में से किसी भी तरीके से लिखा जा सकता है और दोनों ही शुद्ध हैं। हाँ, एक पंचमाक्षर जब दो बार आए तो अनुस्वार का प्रयोग नहीं होगा; जैसे-अम्मा, अन्न आदि। इसी प्रकार इनके बाद यदि अंतस्थ य, र, ल, व और ऊष्म श, ष, स, ह आदि हों तो अनुस्वार का प्रयोग होगा, परंतु उसका उच्चारण पंचम वर्गों में से किसी भी एक वर्ष की भाँति हो सकता है; जैसे-संशय, संरचना में ‘न्’, संवाद में ‘म्’ और संहार में ‘ङ’।
( ं) यह चिह्न है अनुस्वार का और ( ँ) यह चिह्न है अनुनासिक का। इन्हें क्रमशः बिंदु और चंद्र-बिंदु भी कहते हैं। दोनों के प्रयोग और उच्चारण में अंतर है। अनुस्वार को प्रयोग व्यंजन के साथ होता है अनुनासिक का स्वर के साथ।
निम्नलिखित उदाहरण के अनुसार पाठ में आए शब्द-युग्मों को छाँटकर लिखिए −
उदाहरण : बेटा-बेटी
अहमदाबाद में बापू के आश्रम के विषय में चित्रात्मक जानकारी एकत्र कीजिए।
समय का अभाव होने पर भी महादेव भाई ने किस प्रकार साहित्यिक योगदान दिया?
‘सागरमाथा’ क्या है? लेखिका को यह नाम कैसा लगा?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए −
लेखक अतिथि को कैसी विदाई देना चाहता था?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए −
सर चंद्रशेखर वेंकट रामन् के जीवन से प्राप्त होने वाले संदेश को अपने शब्दों में लिखिए।
भारत के मानचित्र में तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली और कलकत्ता कोलकाता की स्थिति दर्शाएँ।
रामन् की सफलता में उनके पिता के योगदान को स्पष्ट कीजिए।
साम्यवाद का जन्म क्यों हुआ?
