Advertisements
Advertisements
प्रश्न
क्या तुम्हारे आस-पास कुछ ऐसे बदलाव हुए हैं, जिन्हें ‘तरक्की’ मानने में कुछ दिक्कतें भी हैं? क्या?
Advertisements
उत्तर
बहुत सारे बदलाव होते रहते हैं जिन्हें तरक्की कह सकते हैं, पर वास्तव में उससे नुकसान भी बहुत ज्यादा होते हैं। जैसे एक झुग्गी वाले बस्ती को हटाकर बड़े होटल तथा मॉल बनाने का उदाहरण लें। इससे तो वह जगह काफी सुन्दर तथा व्यापार का केन्द्र बन जाता है। वहाँ पर अनेकों तरह व्यापारिक गतिविधियाँ बढ़ जाती है। परन्तु वे लोग जो उन झुग्गियों में रहते थे जिन्हें वहाँ से हटा दिया गया या विस्थापित हो गये को काफी दिक्कतों एवं परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जिससे वे लोग काफी दुःखी हो जाते हैं। इसे वास्तविक रूप में तरक्की नहीं माना जा सकता है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
क्या तुम्हारे घर में रोटियाँ बनती हैं? किस अनाज से?
क्या तुमने कभी ज्वार या बाजरे की रोटी खाई है? तुम्हें कैसी लगी?
अपने घर में बड़ों से पूछो, क्या खाने की कुछ ऐसी चीज़ें हैं जो उनके ज़माने में बनाई जाती थीं पर अब नहीं?
तुम अपने गाँव या इलाके में क्या-क्या तरक्की देखना चाहोगे?
आगे चलकर हसमुख की खेती का क्या हुआ होगा?
बीज को शक था कि जो हसमुख के साथ हुआ वह तरक्की नहीं है। तुम्हें क्या लगता है?
अपने आस-पास किसी खेत या बाड़ी पर जाओ। वहाँ लोगों से बात करो और आस-पास देखो। एक रिपोर्ट तैयार करो।
चित्रों को देखो और बताओ कि हर चित्र में क्या दिख रहा है?
चित्र 2 में बाजरे की बाली ओखली में रखी हैं। मूसली से कूटकर बाजरे के दानों को बाली से अलग करते हैं। अलग किए गए बाजरे के दाने चित्र 3 में दिख रहे हैं। आजकल यह काम हाथ से नहीं बल्कि एक बड़ी मशीन ‘थ्रेशर से किया जाता है। दोनों एक ही काम करने के अलग-अलग तरीके हैं जिन्हें हम तकनीक भी कह सकते हैं। चित्र (4) में दिखाई चक्की में क्या हो रहा होगा? फिर चित्र (5) और (6) में किस 'तकनीक' से आटा तैयार किया गया होगा? छलनी का इस्तेमाल कब किया गया होगा?



हमारे खाने में कई बदलाव आए हैं। ऐसा कैसे कह सकते हैं? बाजरे के बीज की कहानी और बड़ों से मिली जानकारी के आधार पर लिखो।
अगर सभी किसान एक ही तरह के बीज बोएँ, एक ही तरह की फ़सल उगाएँ, तो क्या होगा?
