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हसमुख कहता-खेती के मुनाफ़े से हम और तरक्की कर सकते हैं। तुम ‘तरक्की’ से क्या समझते हो? - Environmental Studies (पर्यावरण अध्ययन)

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प्रश्न

हसमुख कहता-खेती के मुनाफ़े से हम और तरक्की कर सकते हैं। तुम ‘तरक्की’ से क्या समझते हो?

टीपा लिहा
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उत्तर

तरक्की का मतलब ज्यादा पैसे कमाना, बेहतर जीवन शैली तथा बेहतर सुविधाएँ होती हैं। लोगों के पास आधुनिक सुख सुविधाओं से लैस घर तथा खाने के पौष्टिक आहार होता है। बच्चे अच्छे स्कूल में पढ़ते हैं तथा बेहतर करते हैं।

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किसानों की कहानी-बीज की जुबानी
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पाठ 19: किसानों की कहानी-बीज की जुबानी - चर्चा करो [पृष्ठ १७७]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Environmental Studies - Looking Around [Hindi] Class 5
पाठ 19 किसानों की कहानी-बीज की जुबानी
चर्चा करो | Q 2 | पृष्ठ १७७

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क्या तुमने कभी ज्वार या बाजरे की रोटी खाई है? तुम्हें कैसी लगी?


क्या इन अनाजों को पहचान पा रहे हो?

 


बाजरे के बीज ने दामजीभाई की खेती और हसमुख की खेती (जैसे सिंचाई, ज़मीन जोतना, इत्यादि) में क्या-क्या अंतर देखे?


आगे चलकर हसमुख की खेती का क्या हुआ होगा?


बीज को शक था कि जो हसमुख के साथ हुआ वह तरक्की नहीं है। तुम्हें क्या लगता है?


क्या तुम्हारे आस-पास कुछ ऐसे बदलाव हुए हैं, जिन्हें ‘तरक्की’ मानने में कुछ दिक्कतें भी हैं? क्या?


तुम्हारे मन में खेती से जुड़े क्या-क्या सवाल उठते हैं? सब मिलकर कुछ सवाल बनाओ और किसी किसान से पूछो। जैसे – किसान एक साल में कितनी तरह की फ़सल उगाते हैं? किस फ़सल को कितने पानी की जरूरत होती है?


अपने आस-पास किसी खेत या बाड़ी पर जाओ। वहाँ लोगों से बात करो और आस-पास देखो। एक रिपोर्ट तैयार करो।


हमारे खाने में कई बदलाव आए हैं। ऐसा कैसे कह सकते हैं? बाजरे के बीज की कहानी और बड़ों से मिली जानकारी के आधार पर लिखो।


अगर सभी किसान एक ही तरह के बीज बोएँ, एक ही तरह की फ़सल उगाएँ, तो क्या होगा?


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