Advertisements
Advertisements
प्रश्न
हसमुख कहता-खेती के मुनाफ़े से हम और तरक्की कर सकते हैं। तुम ‘तरक्की’ से क्या समझते हो?
Advertisements
उत्तर
तरक्की का मतलब ज्यादा पैसे कमाना, बेहतर जीवन शैली तथा बेहतर सुविधाएँ होती हैं। लोगों के पास आधुनिक सुख सुविधाओं से लैस घर तथा खाने के पौष्टिक आहार होता है। बच्चे अच्छे स्कूल में पढ़ते हैं तथा बेहतर करते हैं।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
क्या तुम्हारे घर में रोटियाँ बनती हैं? किस अनाज से?
क्या तुमने कभी ज्वार या बाजरे की रोटी खाई है? तुम्हें कैसी लगी?
बाजरे के बीज ने दामजीभाई की खेती और हसमुख की खेती (जैसे सिंचाई, ज़मीन जोतना, इत्यादि) में क्या-क्या अंतर देखे?
आगे चलकर हसमुख की खेती का क्या हुआ होगा?
दामजीभाई के बेटे हसमुख ने अपने पिता की तरह खेती करना पसंद किया। हसमुख का बेटा परेश खेती न करके ट्रक चला रहा है। उसने ऐसा क्यों किया होगा?
बीज को शक था कि जो हसमुख के साथ हुआ वह तरक्की नहीं है। तुम्हें क्या लगता है?
क्या तुम्हारे आस-पास कुछ ऐसे बदलाव हुए हैं, जिन्हें ‘तरक्की’ मानने में कुछ दिक्कतें भी हैं? क्या?
अपने आस-पास किसी खेत या बाड़ी पर जाओ। वहाँ लोगों से बात करो और आस-पास देखो। एक रिपोर्ट तैयार करो।
चित्रों को देखो और बताओ कि हर चित्र में क्या दिख रहा है?
चित्र 2 में बाजरे की बाली ओखली में रखी हैं। मूसली से कूटकर बाजरे के दानों को बाली से अलग करते हैं। अलग किए गए बाजरे के दाने चित्र 3 में दिख रहे हैं। आजकल यह काम हाथ से नहीं बल्कि एक बड़ी मशीन ‘थ्रेशर से किया जाता है। दोनों एक ही काम करने के अलग-अलग तरीके हैं जिन्हें हम तकनीक भी कह सकते हैं। चित्र (4) में दिखाई चक्की में क्या हो रहा होगा? फिर चित्र (5) और (6) में किस 'तकनीक' से आटा तैयार किया गया होगा? छलनी का इस्तेमाल कब किया गया होगा?



हमारे खाने में कई बदलाव आए हैं। ऐसा कैसे कह सकते हैं? बाजरे के बीज की कहानी और बड़ों से मिली जानकारी के आधार पर लिखो।
