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बीज को शक था कि जो हसमुख के साथ हुआ वह तरक्की नहीं है। तुम्हें क्या लगता है? - Environmental Studies (पर्यावरण अध्ययन)

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प्रश्न

बीज को शक था कि जो हसमुख के साथ हुआ वह तरक्की नहीं है। तुम्हें क्या लगता है?

टीपा लिहा
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उत्तर

मैं समझता हूँ कि बीज का शक सही था। खेती के नए तरीकों के द्वारा खेतों तथा अन्य प्राकृतिक संसाधनों का शोषण होता है, जिसके कारण खेत अपनी उर्बरा शक्ति खोने लगता हैं, तथा धीरे-धीरे बंजर हो जाया करता है। भू-गर्भीय जल का सिंचाई आदिकार्यों के लिए अत्यधिक दोहन से यह जमीन में काफी नीचे चला जाता है तथा भविष्य के लिए बहुत कम जल बच जाता है। एक मशीन आदमी से ज्यादा काम कर सकता है परन्तु इससे कई लोग बेरोजगार भी हो जाते हैं। अतः एक नजर में तो यह तरक्की लगती है परन्तु यह वास्तविक तरक्की नहीं है।

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किसानों की कहानी-बीज की जुबानी
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पाठ 19: किसानों की कहानी-बीज की जुबानी - सोचो और चर्चा करो [पृष्ठ १७९]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Environmental Studies - Looking Around [Hindi] Class 5
पाठ 19 किसानों की कहानी-बीज की जुबानी
सोचो और चर्चा करो | Q 3 | पृष्ठ १७९

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