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महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (हिंदी माध्यम) इयत्ता १० वी

कविता (हिम) की अंतिम छह पंक्‍तियों का भावार्थ लिखिए। घाटी या कि नदी में गिर सकने वाली वे पर्वत थामे चली जा रहीं पगवाटें भी छूट गईं सब छूट गईं जैसे सांसारिकताएँ थीं ये भी। - Hindi [हिंदी]

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प्रश्न

कविता (हिम) की अंतिम छह पंक्‍तियों का भावार्थ लिखिए।

घाटी या कि नदी में
गिर सकने वाली वे
पर्वत थामे चली जा रहीं
पगवाटें भी छूट गईं
सब छूट गईं
जैसे सांसारिकताएँ थीं ये भी। 

टीपा लिहा
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उत्तर

भावार्थ : कवि कहते हैं पहाड़ों पर जो पगडंडियाँ होती हैं, उन्हें देखकर ऐसा लगता है कि वे पर्वत के सहारे आगे बढ़ रही हैं | किंतु हमेशा इस बात का डर लगा रहता है की ये पगडंडियाँ घाटी अथवा नदी में कभी भी गिर सकती हैं | आगे बढ़ते जानेवाले पांडवों का रास्ता सांसारिक वस्तुओं की तरह इन पगडंडियों ने भी छोड़ दिया | 

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  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 1.07: हिम - स्वाध्याय [पृष्ठ ३६]

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बालभारती Hindi Kumarbharati [Hindi] Standard 10 Maharashtra State Board
पाठ 1.07 हिम
स्वाध्याय | Q (५) | पृष्ठ ३६
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