Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निम्न मुद्दों के आधार पर पद्य विश्लेषण कीजिए :
१. रचनाकार का नाम
२. रचना का प्रकार
३. पसंदीदा पंक्ति
४. पसंद होने का कारण
५. रचना से प्राप्त प्रेरणा
Advertisements
उत्तर
१. रचनाकार का नाम : श्री नरेश मेहता
२. रचना का प्रकार : खंड काव्य अंश
३. पसंदीदा पंक्ति :
पर्वत थामे चली जा रहीं
पगवाटें भी छूट गईं
सब छूट गईं
जैसे सांसारिकताएँ थीं ये भी।
४. पसंद होने का कारण : उपर्युक्त पंक्तियों के माध्यम से कवि ने यह स्पष्ट किया है कि जो व्यक्ति आधात्म की और उन्मुख होता है उसे सांसारिकता से संबंध तोड़ लेना पड़ता है | स्वर्गारोहण करने वालो पांडवों का साथ पगडंडियों ने भी छोड़ दिया | व्यक्ति को यह यात्रा केवल अपने कर्म के साथ करनी पड़ती है | इन पंक्तियों में कवि ने आध्यात्मिकता पर बल दिया है |
५. रचना से प्राप्त प्रेरणा : इस रचना से हमें यह प्रेरणा प्राप्त होती है कि आप राजा हों या रंक, ईश्वर के यहाँ सबको रिक्त हाथ ही जाना पड़ता है | पांडव हस्तिनापुर के राजा थे, किंतु अंत में उन्हें भी सब कुछ छोड़कर जाना पड़ा | यह रचना हमें लोभ-मोह से मुक्त होने की प्रेरणा देती है |
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
एक शब्द में उत्तर लिखिए :
पृथिवी चलकर बनती = ______
एक शब्द में उत्तर लिखिए :
आश्रम की कन्याएँ करतीं = ______
एक शब्द में उत्तर लिखिए :
पर्वतों को थामकर चली जाने वाली = ______
कविता (हिम) में इस अर्थ के आए हुए शब्द :
निरंकुश - ______
कविता (हिम) में इस अर्थ के आए हुए शब्द :
हित चाहने वाले - ______
विशेषताएँ लिखिए :
वृक्ष - ______
विशेषताएँ लिखिए :
प्रशांतता - ______
विशेषताएँ लिखिए :
झरने - ______
कविता (हिम) की अंतिम छह पंक्तियों का भावार्थ लिखिए।
घाटी या कि नदी में
गिर सकने वाली वे
पर्वत थामे चली जा रहीं
पगवाटें भी छूट गईं
सब छूट गईं
जैसे सांसारिकताएँ थीं ये भी।
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
| ऊर्ध्वतम ही है चलना जैसे पृथिवी चलकर गौरीशंकर बनती ! छूट गए पीछे कस्तूरी मृगवाले वे मधु मानव-से उत्सव जंगल, ग्रीष्म तपे तँबियारे झरे पात की वे वनानियाँ, गिरे चीड़फूलों से लदी भूमि औ’ औषधियों के वल्कल पहने परम हितैषी वृक्ष सभी कुछ छूट गए । |
(1) उचित मिलान कीजिए: (2)
| अ | उत्तर | आ | |
| (i) | औषधि | ताप | |
| (ii) | ग्रीष्म | वल्कल | |
| (iii) | कस्तूरी | पात | |
| (iv) | तौबियारे | उत्सव | |
| (v) | मृग |
(2) पद्यांश से ढूँढ़कर लिखिए: (2)
- विलोम शब्द:
- आगे × ______
- अहितैषी × ______
- समानार्थी शब्द :
-
- पेड़ = ______
- वन = ______
(3) प्रथम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
