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कविता और बच्चे को समानांतर रखने के क्या कारण हो सकते हैं?

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प्रश्न

कविता और बच्चे को समानांतर रखने के क्या कारण हो सकते हैं?

थोडक्यात उत्तर
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उत्तर

कविता और बच्चों में समानांतर रखने के निम्नलिखित कारण हैं-

  1. बच्चों के समान कविता में शब्दों की कोई सीमा नहीं होती है। जैसे बच्चे खेलते समय सारी सीमाएँ तोड़ देते हैं, वैसे ही कविता भी सारी सीमाएँ तोड़ देती है।
  2. बच्चे किसी सीमा को नहीं मानते। उनके लिए कोई अपना-पराया नहीं होता है। सब उनके अपने होते हैं। ऐसे ही कविता के लिए कोई अपना-पराया नहीं होता है। वे सभी के लिए होती है।
  3. जिस प्रकार बच्चों की कल्पनाएँ अनंत होती हैं, वैसे ही कवि की कल्पनाओं का अनंत रूप कविता होती है।
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बात सीधी थी पर
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पाठ 3: कुँवर नारायण (कविता के बहाने, बात सीधी थी पर) - अभ्यास [पृष्ठ १९]

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एनसीईआरटी Hindi Aaroh Bhag 2 [English] Class 12
पाठ 3 कुँवर नारायण (कविता के बहाने, बात सीधी थी पर)
अभ्यास | Q 3. | पृष्ठ १९

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