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‘कुछ खास तो नहीं’–हेलेन की मित्र ने यह जवाब किस मौके पर दिया और यह सुनकर हेलेन को आश्चर्य क्यों नहीं हुआ?

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प्रश्न

‘कुछ खास तो नहीं’–हेलेन की मित्र ने यह जवाब किस मौके पर दिया और यह सुनकर हेलेन को आश्चर्य क्यों नहीं हुआ?

टीपा लिहा
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उत्तर

प्रकृति में चारों ओर देखने और समझने की बहुत सी चीजें हैं, फिर भी उनकी मित्र कह रही है कि मैंने कुछ खास नहीं देखा। लेखिका का मानना है कि वे कुछ भी देखना ही नहीं चाहती। वे उन चीजों की चाह ज़रूर करती हैं जो उनके आस-पास नहीं है।

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गद्य (Prose) (Class 6)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 11: जो देखकर भी नहीं देखते - निबंध से [पृष्ठ ८२]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Vasant Part 1 Class 6
पाठ 11 जो देखकर भी नहीं देखते
निबंध से | Q 3 | पृष्ठ ८२

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