मराठी

'प्रकृति का जादू' किसे कहा गया है? - Hindi (हिंदी)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

'प्रकृति का जादू' किसे कहा गया है?

लघु उत्तर
Advertisements

उत्तर

'प्रकृति का जादू' का तात्पर्य प्रकृति के निरंतर परिवर्तनों और उनके अद्भुत खेल से है। हर दिन और हर समय प्रकृति में बदलाव होते रहते हैं। फल-फूल, पेड़-पौधे, झरने, और पशु-पक्षी सभी प्रकृति के जादू का हिस्सा हैं, जो इसे और भी खूबसूरत और चमत्कारी बनाते हैं।

shaalaa.com
गद्य (Prose) (Class 6)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 11: जो देखकर भी नहीं देखते - निबंध से [पृष्ठ ८२]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Vasant Part 1 Class 6
पाठ 11 जो देखकर भी नहीं देखते
निबंध से | Q 2 | पृष्ठ ८२

संबंधित प्रश्‍न

विश्वामित्र जानते थे कि क्रोध करने से यज्ञ पूरा नहीं होगा, इसलिए वे क्रोध को पी गए। तुम्हें भी कभी-कभी गुस्सा आता होगा। तुम्हें कब-कब गुस्सा आता है और उसका क्या परिणाम होता है?


सीता बिना बात के राक्षसों के वध के पक्ष में नहीं थीं जबकि राम राक्षसों के विनाश को ठीक समझते थे। तुम किससे सहमत हो-राम से या सीता से? कारण बताते हुए उत्तर दो।


रामायण के रचयिता कौन थे?


क्या अपने माता-पिता के लिए तुम्हें कुछ करने का मौका मिला है?


रावण-वध क्या शिक्षा देता है?


लेखिको को सप्ताह में कितनी बार चॉकलेट खरीदने की छूट थी?


क्या होता अगर…
(क) हमारे पास अक्षर न होते
(ख) भाषा न होती


कल गैरों की खातिर की, आज अपनी खातिर करना”-
इस वाक्य को गीतकार इस प्रकार कहना चाहता है
(तुमने) कल गैरों की खातिर (मेहनत) की, आज (तुम) अपनी खातिर करना।

इस वाक्य में ‘तुम’ कर्ता है जो गीत की पंक्ति में छंद बनाए रखने के लिए हटा दिया गया है। उपर्युक्त पंक्ति में रेखांकित शब्द ‘अपनी’ का प्रयोग कर्ता ‘तुम’ के लिए हो रहा है, इसलिए यह सर्वनाम है। ऐसे सर्वनाम जो अपने आप के बारे में बताएँ निजवाचक सर्वनाम कहलाते हैं। (निज का अर्थ ‘अपना’ होता है।)
निजवाचक सर्वनाम के तीन प्रकार होते हैं जो नीचे दिए वाक्यों में रेखांकित हैं-
मैं अपने आप (या आप) घर चली जाऊँगी।
बब्बन अपना काम खुद करता है।
सुधा ने अपने लिए कुछ नहीं खरीदा।
अब तुम भी निजवाचक सर्वनाम के निम्नलिखित रूपों का वाक्यों में प्रयोग करो।

  1. अपने को
  2. अपने से
  3. अपना
  4. अपने पर
  5. अपने लिए
  6. आपस में

बहुविकल्पीय प्रश्न
राई का पर्वत कैसे बनता है?


बहुविकल्पीय प्रश्न
‘ऐसे-ऐसे’ एकांकी के लेखक कौन हैं?


क्या मोहन के पेट में सचमुच दर्द था?


कुछ कहानियाँ सुखांत होती हैं और कुछ कहानियाँ दुखांत। इस कहानी के अंत को तुम दुखांत मानोगे या सुखांत? बताओ।


बहुविकल्पीय प्रश्न
नागराजन का अलबम किसने चुराया?

मनुष्य का स्वभाव क्या है?

‘जबकि इस नियामत से जिंदगी को खुशियों के इन्द्रधनुषी रंगों से हरा-भरा किया जा सकता है। तुम्हारी नज़र में इसका क्या अर्थ हो सकता है?


एन.सी.ई.आर.टी. का श्रव्य कार्यक्रम ‘पत्थर और पानी की कहानी’।


बहुविकल्पी प्रश्न

लोकगीतों की भाषा कैसी होती है?


गांधी जी लिखते समय किस बात का ध्यान रखते थे?


नौकरों के बारे में गांधी जी के क्या विचार थे?


इस पाठ में कई हिस्से हैं जहाँ किसी काम को करने का तरीका समझाया गया है; जैसेछोटी मछलियों को पकड़ने के लिए इसे पानी की सतह पर रखा जाता है या फिर धीरे-धीरे चलते हुए खींचा जाता है। बाँस की खपच्चियों को इस तरह बाँधा जाता है कि वे शंकु का आकार ले लें। इस शंकु का ऊपरी सिरा अंडाकार होता है। निचले नुकीले सिरे पर खपच्चियाँ एक-दूसरे में गॅथी हुई होती हैं।
इस वर्णन को ध्यान से पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर अनुमान लगाकर दो। यदि अंदाज लगाने में दिक्कत हो तो आपस में बातचीत करके सोचो-
(क) बाँस से बनाए गए शंकु के आकार का जाल छोटी मछलियों को पकड़ने के लिए ही क्यों इस्तेमाल किया जाता है?
(ख) शंकु का ऊपरी हिस्सा अंडाकार होता है तो नीचे का हिस्सा कैसा दिखाई देता है?
(ग) इस जाल से मछली पकड़ने वालों को धीरे-धीरे क्यों चलना पड़ता है?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×