Advertisements
Advertisements
प्रश्न
हेलेन केलर प्रकृति की किन चीज़ों को छूकर और सुनकर पहचान लेती थीं? पाठ के आधार पर इसका उत्तर लिखो।
Advertisements
उत्तर
हेलेन केलर बचपन में एक गंभीर बीमारी के कारण देखने और सुनने की शक्ति खो बैठीं, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने प्रकृति को महसूस करने की विशेष शक्ति विकसित कर ली थी। वे प्रकृति की अनेक चीजों जैसे भोज-पत्र पेड़ की चिकनी छाल, चीड़ के पेड़ की खुरदरी छाल, टहनियों में नई कलियाँ, फूलों की पंखुड़ियों की बनावट को छूकर और सूंघकर पहचान लेती थीं। इसके साथ ही वे पत्तियों की सरसराहट, फूलों की गंध, और हवा की नरमी को भी अनुभव करके प्रकृति से जुड़ जाती थीं।
इस प्रकार, हेलेन केलर ने देखने और सुनने की क्षमता खो देने के बावजूद स्पर्श, गंध और अनुभूति के माध्यम से प्रकृति की सुंदरता को पहचानना और महसूस करना सीख लिया था।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
केशव और श्यामा ने चिड़िया के अंडों की रक्षा की या नादानी?
लेखिका का जन्म किस सदी में हुआ था?
वैसे तो संख्याएँ संज्ञा होती हैं पर कभी-कभी ये विशेषण का काम भी करती हैं, जैसे नीचे लिखे वाक्य में।
• हमारी धरती लगभग पाँच अरब साल पुरानी है।
• कोई दस हज़ार साल पहले आदमी ने गाँवों को बसाना शुरू किया।
इन वाक्यों में रेखांकित अंश ‘साल’ संज्ञा के बारे में विशेष जानकारी दे रहे हैं, इसलिए संख्यावाचक विशेषण हैं। संख्यावाचक विशेषण का इस्तेमाल उन्हीं चीज़ों के लिए होता है जिन्हें गिना जा सके, जैसे-चार संतरे, पाँच बच्चे, तीन शहर आदि। पर यदि किसी चीज़ को गिना नहीं जा सकता तो उसके साथ संख्या वाले शब्दों के अलावा मापतोल आदि के शब्दों का इस्तेमाल भी किया जाता है
• तीन जग पानी
• एक किलो चीनी
यहाँ रेखांकित हिस्से परिमाणवाचक विशेषण हैं क्योंकि इनका संबंध मापतोल से है। अब आगे लिखे हुए को पढ़ो। खाली स्थानों में बाक्स में दिए गए मापतोल के उचित शब्द छाँटकर लिखो।
|
प्याला कटोरी एकड़ मीटर लीटर किलो ट्रक चम्मच |
|
तीन |
______ |
खीर |
दो |
______ |
ज़मीन |
|
छह |
______ |
कपड़ा |
एक |
______ |
रेत |
|
दो |
______ |
कॉफ़ी |
पाँच |
______ |
बाजरा |
|
एक |
______ |
दूध |
तीन |
______ |
तेल |
मनुष्य से पहले इस धरती पर किसका राज्य रहा?
सूर्य का चित्र किसका द्योतक बन गया?
इस कहानी के अनुसार मंगल ग्रह पर कभी आम जन-जीवन था। वह सब नष्ट कैसे हो गया? इसे लिखो।
कहानी में अंतरिक्ष यान को किसने भेजा था और क्यों?
कल गैरों की खातिर की, आज अपनी खातिर करना”-
इस वाक्य को गीतकार इस प्रकार कहना चाहता है
(तुमने) कल गैरों की खातिर (मेहनत) की, आज (तुम) अपनी खातिर करना।
इस वाक्य में ‘तुम’ कर्ता है जो गीत की पंक्ति में छंद बनाए रखने के लिए हटा दिया गया है। उपर्युक्त पंक्ति में रेखांकित शब्द ‘अपनी’ का प्रयोग कर्ता ‘तुम’ के लिए हो रहा है, इसलिए यह सर्वनाम है। ऐसे सर्वनाम जो अपने आप के बारे में बताएँ निजवाचक सर्वनाम कहलाते हैं। (निज का अर्थ ‘अपना’ होता है।)
निजवाचक सर्वनाम के तीन प्रकार होते हैं जो नीचे दिए वाक्यों में रेखांकित हैं-
मैं अपने आप (या आप) घर चली जाऊँगी।
बब्बन अपना काम खुद करता है।
सुधा ने अपने लिए कुछ नहीं खरीदा।
अब तुम भी निजवाचक सर्वनाम के निम्नलिखित रूपों का वाक्यों में प्रयोग करो।
- अपने को
- अपने से
- अपना
- अपने पर
- अपने लिए
- आपस में
बहुविकल्पीय प्रश्न
इस पाठ के लेखक कौन हैं?
अलबम चुराते समय राजप्पा किस मानसिक स्थिति से गुजर रहा था?
कहानी से व्यक्तियों या वस्तुओं के लिए प्रयुक्त हुए 'नहीं' अर्थ देने वाले शब्दों (नकारात्मक विशेषण) को छाँटकर लिखो। उनका उल्टा अर्थ देने वाले शब्द भी लिखो।
राजप्पा और नागराजन की तरह क्या तुम भी कोई शौक रखते हो? उससे जुड़े किस्से सुनाओ।
तुम जानते हो कि दो पत्थरों को रगड़कर आदि मानव ने आग की खोज की थी। उस युग में पत्थरों का और क्या-क्या उपयोग होता था?
लेखक ने संसार को पुस्तक क्यों कहा है?
गोल-चमकीला रोड़ा अपनी क्या कहानी बताता है?
लेखक ने इस दुनिया की और इस दुनिया के छोटे-बड़े देशों की छोटी-छोटी कथाएँ लिखने का इरादा क्यों किया?
‘पिता के पत्र पुत्री के नाम’ पुस्तक पुस्तकालय से लेकर पढ़ो।
बाँस की बुनाई कैसे होती है?
आश्रम में गांधी जी कई ऐसे काम भी करते थे, जिन्हें आमतौर पर नौकर-चाकर करते हैं। पाठ से तीन अलग-अलग प्रसंग अपने शब्दों में लिखो जो इस बात का प्रमाण हो।
