मराठी

हेलेन केलर प्रकृति की किन चीज़ों को छूकर और सुनकर पहचान लेती थीं? पाठ के आधार पर इसका उत्तर लिखो। - Hindi (हिंदी)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

हेलेन केलर प्रकृति की किन चीज़ों को छूकर और सुनकर पहचान लेती थीं? पाठ के आधार पर इसका उत्तर लिखो।

दीर्घउत्तर
Advertisements

उत्तर

हेलेन केलर बचपन में एक गंभीर बीमारी के कारण देखने और सुनने की शक्ति खो बैठीं, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने प्रकृति को महसूस करने की विशेष शक्ति विकसित कर ली थी। वे प्रकृति की अनेक चीजों जैसे भोज-पत्र पेड़ की चिकनी छाल, चीड़ के पेड़ की खुरदरी छाल, टहनियों में नई कलियाँ, फूलों की पंखुड़ियों की बनावट को छूकर और सूंघकर पहचान लेती थीं। इसके साथ ही वे पत्तियों की सरसराहट, फूलों की गंध, और हवा की नरमी को भी अनुभव करके प्रकृति से जुड़ जाती थीं।

इस प्रकार, हेलेन केलर ने देखने और सुनने की क्षमता खो देने के बावजूद स्पर्श, गंध और अनुभूति के माध्यम से प्रकृति की सुंदरता को पहचानना और महसूस करना सीख लिया था।

shaalaa.com
गद्य (Prose) (Class 6)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 11: जो देखकर भी नहीं देखते - निबंध से [पृष्ठ ८२]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Vasant Part 1 Class 6
पाठ 11 जो देखकर भी नहीं देखते
निबंध से | Q 4 | पृष्ठ ८२

संबंधित प्रश्‍न

सीता बिना बात के राक्षसों के वध के पक्ष में नहीं थीं जबकि राम राक्षसों के विनाश को ठीक समझते थे। तुम किससे सहमत हो-राम से या सीता से? कारण बताते हुए उत्तर दो।


क्रियाओं से भी भाववाचक संज्ञाएँ बनती हैं। जैसे मारना से मार, काटना से काट, हारना से हार, सीखना से सीख, पलटना से पलट और हड़पना से हड़प आदि भाववाचक संज्ञाएँ बनी हैं। तुम भी इस संस्मरण से कुछ क्रियाओं को छाँटकर लिखो और उनके भाववाचक संज्ञा बनाओ।


बहुविकल्पी प्रश्न
चिड़िया ने अंडे कहाँ दिए थे?


अपने आस-पास के किसी मूक-बधिर बच्चों के स्कूल में जाकर कुछ समय बिताओ और अपने अनुभव लिखो।


सूर्य का चित्र किसका द्योतक बन गया?


(क) दिलीप एम. साल्वी
(ख) जयंत विष्णु नार्लीकर
(ग) आइज़क ऐसीमोव
(घ) आर्थर क्लार्क
ऊपर दिए गए लेखकों की अंतरिक्ष संबंधी कहानियाँ इकट्ठी करके पढ़ो और एक-दूसरे को सुनाओ। इन कहानियों में कल्पना क्या है और सच क्या है, इसे समझने की कोशिश करो। कुछ ऐसी कहानियाँ छाँटकर निकालो, जो आगे चलकर सच साबित हुई हैं।


मान लो कि तुम छोटू हो और यह कहानी किसी को सुना रहे हो तो कैसे सुनाओगे? सोचो और ‘मैं’ शैली (आत्मकथात्मक शैली) में यह कहानी सुनाओ।


“गैरों’ के लिए हमने क्या किया है?


मास्टर- ” स्कूल का काम तो पूरा कर लिया है?
(मोहन हाँ में सिर हिलता है।)
मोहन-जी, सब काम पूरा कर लिया है।
• इस स्थिति में नाटक का अंत क्या होता ? लिखो।


कई लोग चीजें इकट्ठी करते हैं और ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करवाते हैं। इसके पीछे उनकी क्या प्रेरणा होती होगी। सोचो और अपने दोस्तों से इस पर बातचीत करो।


मोहन ने क्या बहाना बनाया?


लेखिका के कानों में किसके मधुर स्वर गूंजने लगते थे?

लेखिका को किस काम से खुशी मिलती है?

मनुष्य का स्वभाव क्या है?

जिन लोगों के पास आँखें हैं, वे सचमुच बहुत कम देखते हैं- हेलेन केलर को ऐसा क्यों लगता है?

आज तुमने घर से आते हुए बारीकी से क्या-क्या देखा-सुना? मित्रों के साथ सामूहिक चर्चा करो।


तुम्हें किसी ऐसे व्यक्ति से मिलने का मौका मिले जिसे दिखाई न देता हो तो तुम उससे सुनकर, सूँधकर, चखकर, छूकर अनुभव की जानेवाली चीज़ों के संसार के विषय में क्या-क्या प्रश्न कर सकते हो? लिखो।


गोल-चमकीला रोड़ा अपनी क्या कहानी बताता है?


एन.सी.ई.आर.टी. का श्रव्य कार्यक्रम ‘पत्थर और पानी की कहानी’।


गांधी जी इतना पैदल क्यों चलते थे? पैदल चलने के क्या लाभ हैं? लिखो।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×