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बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर कठपुतली कविता के रचयिता हैं - Hindi (हिंदी)

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प्रश्न

बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर

कठपुतली कविता के रचयिता हैं

पर्याय

  • मैथलीशरण गुप्त

  • भवानी प्रसाद मिश्र

  • सुमित्रानंदन पंत

  • सुभद्रा कुमारी चौहान

MCQ
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उत्तर

भवानी प्रसाद मिश्र

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 7)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 4: कठपुतली - अन्य पाठेतर है हल प्रश्न

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Vasant Part 2 Class 7
पाठ 4 कठपुतली
अन्य पाठेतर है हल प्रश्न | Q 1

संबंधित प्रश्‍न

बहुविकल्पी प्रश्न

यह गीत कैसा गीत है?


इन शब्दों के समान अर्थ वाले कुछ शब्दों को लिखो

धरती ________________________

चिड़िया ________________________

हवा ______________________________

पेड़ ______________________________

दुनिया ______________________________


रिक्त स्थान पूरे करो।

नमूना → वह मोर सा नाचता है।

मेघाश्री की आवाज़ __________ की तरह मीठी है।


रिक्त स्थान पूरे करो।

नमूना →

वह मोर सा नाचता है।

मनीष के कान ______की तरह तेज़ है।


सही शब्द चुनकर वाक्य पूरा करो
________ फोड़ घड़े बादल के की है इतनी शैतानी।


इस पंक्ति से बारिश के बारे में क्या पता चलता है?

नमूना →  सूरज की माँ ने उसको बुला लिया।
  ऐसा लगता है कि आसमान में सूरज नज़र नहीं आ रहा होगा।

सूरज ने अपने घर का दरवाज़ा बंद कर लिया।


इस पंक्ति से बारिश के बारे में क्या पता चलता है?

नमूना → सूरज की माँ ने उसको बुला लिया।
 

ऐसा लगता है कि आसमान में सूरज नज़र नहीं आ रहा होगा।

आँगन में तलवार चल रही है।


किन पंक्तियों से पता चलता है कि कविता में माँ-बेटी या माँ-बेटे के बीच बातचीत हो रही है?


बादल काका ज़ोर-ज़ोर से क्यों डाँट रहे हैं?


शाम के समय ये क्या करते हैं? पता लगाइए और लिखिए-

पक्षी खिलाड़ी फलवाले माँ
पेड़-पौधे पिता जी किसान बच्चे

शाम के बदले यदि आपको एक कविता सुबह के बारे में लिखनी हो तो किन-किन चीजों की मदद लेकर अपनी कल्पना को व्यक्त करेंगे? नीचे दी गई कविता की पंक्तियों के आधार पर सोचिए
पेड़ों के झुनझुने
बजने लगे;
लुढ़कती आ रही है।
सूरज की लाल गेंद।
उठ मेरी बेटी, सुबह हो गई।


निम्नलिखित शब्द का प्रयोग आप किन संदर्भ में करेंगे? इस शब्द का दो वाक्य बनाइए।

औंधी


अंधकार दूर सिमटा कैसा लग रहा है?


नीचे दी गई पंक्तियों को ध्यान से पढ़िए-
ऐंठ बेचारी दबे पाँवों भगी,
तब ‘समझ’ ने यों मुझे ताने दिए।
• इन पंक्तियों में ऐंठ’ और ‘समझ’ शब्दों का प्रयोग सजीव प्राणी की भाँति हुआ है। कल्पना कीजिए, यदि ‘ऐंठ’ और ‘समझ’ किसी नाटक में दो पात्र होते तो उनको अभिनय कैसा होता?


सावन वर्षा ऋतु का महीना है, वर्षा ऋतु से संबंधित दो अन्य महीनों के नाम लिखिए।


वर्षा में भींगना और खेलनों आपको कैसा लगता है?


बहुविकल्पी प्रश्न

इस कविता में किस ऋतु का वर्णन है


बार-बार बोलो और नीचे दिए गए शब्द से वाक्य बनाओ।

डाल - ढाल


कवि क्यों कह रहा है कि

'आज सभ्यता वहशी बन,

पेड़ों को काट रही है?'

इस पर अपने विचार लिखो।


नीचे कविता में से पंक्ति दी गई हैं। बताओ, इस पंक्ति का क्या अर्थ हो सकता है?

दीप बुझे हैं जिन आँखों के,

उन आँखों को ज्ञान मिलेगा।


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